By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तिरुचिरापल्ली पूर्व उपचुनाव से पहले सोशल मीडिया पर 'रील्स' बनाने के लिए की गई छापेमारी से DMK कार्यकर्ताओं के पैर का नाखून भी नहीं कांपेगा। एक्स पर एक पोस्ट में स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर आरोप लगाया कि उन्होंने तमिलनाडु को कमजोर वर्गों के लिए एक असुरक्षित राज्य बना दिया है और आगामी चुनावों से पहले, छापेमारी की कार्रवाई का इस्तेमाल एक राजनीतिक तमाशे के तौर पर कर रहे हैं। स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री, जिन्होंने तमिलनाडु को एक ऐसा राज्य बना दिया है जहाँ महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग अब सुरक्षित नहीं हैं, वे अब यह सोच रहे हैं कि लोगों का ध्यान भटकाने और मीडिया की 'ब्रेकिंग न्यूज़' से ध्यान हटाने के लिए 'रोडशो' करें या 'रेडशो' (छापेमारी का तमाशा) करें। सत्ताधारी पार्टी को 'TN ब्रांच वॉशिंग मशीन' करार देते हुए, डीएमके प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रशासन भ्रष्ट लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कर रहा है, जबकि विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा, "यह 'TN ब्रांच वॉशिंग मशीन' सभी भ्रष्ट लोगों को 'मोल-भाव करने वाले मोहरों' में बदलकर अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। यह 'बदले की राजनीति' (Vettri Vendetta Politics) के तहत सिर्फ DMK सरकार के पूर्व मंत्रियों को निशाना बना रही है। हमेशा की तरह, यह कोशिश कानून के सामने नाकाम होगी और जनता के सामने इसे शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी!"
DVAC की टीम में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस हेमा चित्रा और पुलिस इंस्पेक्टर शक्तिवेल तथा प्रसन्ना वेंकटेश शामिल हैं। जांच के हिस्से के रूप में, अधिकारी नेहरू से कई सवाल पूछ रहे हैं। इस बीच, जब तलाशी और पूछताछ चल रही थी, तब नेहरू के आवास के बाहर DMK के 200 से अधिक कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए। यह पूछताछ पिछली सरकार के दौरान नगर प्रशासन विभाग (Municipal Administration Department) में जूनियर इंजीनियरों की भर्ती में 634 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से जुड़ी है। यह जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की जा रही है। DVAC ने नगर प्रशासन और जल आपूर्ति (MAWS) विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर नेहरू और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये आरोप उस समय के हैं जब नेहरू इस विभाग के प्रभारी मंत्री थे; इन आरोपों में भर्ती, ठेके देने और तबादलों में भ्रष्टाचार शामिल है। मद्रास हाई कोर्ट द्वारा DVAC को विभाग से जुड़े आरोपों की जांच शुरू करने का निर्देश दिए जाने के बाद FIR दर्ज की गई थी। एजेंसी ने इस मामले में नेहरू, उनके रिश्तेदारों और कई अधिकारियों को नामजद किया है। इससे पहले 5 सितंबर को भी DVAC ने थिल्लई नगर स्थित उनके आवास और अन्य परिसरों में तलाशी ली थी।