By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 18, 2026
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने शुक्रवार को अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि वह दिशा सालियन की मौत के मामले में कभी शामिल नहीं हो सकते। मनसे नेता का यह बयान आदित्य के उस दावे के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सालियन को न तो जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। आदित्य ने साथ ही आरोप लगाया था कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुंबई पुलिस ने सालियान के मामले में दुर्घटनावश मौत की प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला था। सालियान की मौत के एक हफ्ते बाद, 14 जून 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए, जिससे दोनों मौतों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। मुंबई उच्च न्यायालय ने दो सितंबर को सालियन की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया।
अदालत ने मुंबई पुलिस को छह साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने के लिए फटकार लगाई और कहा कि उनकी जांच से जवाबों के बजाय और सवाल खड़े होते हैं।