Amarnath Yatra Security | जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की अमरनाथ यात्रा से पहले मॉक ड्रिल, पुलिस कर रही व्यक्तिगत तौर पर चप्पे-चप्पे की निगरानी

By रेनू तिवारी | Jun 30, 2025

श्री अमरनाथ यात्रा 2025 की तैयारियाँ जोरों पर हैं, क्योंकि सुरक्षा बल और नागरिक प्रशासन तीर्थयात्रा से पहले गहन निरीक्षण और ट्रायल रन कर रहे हैं। यह यात्रा 3 जुलाई को जम्मू और कश्मीर के बालटाल और पहलगाम मार्गों से शुरू होने वाली है। ऑनलाइन विंडो से चूकने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण जम्मू के विशेष केंद्रों पर शुरू हो गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। जम्मू के बेस कैंप यात्री निवास में रसद और प्रतिक्रिया प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए बसों को पूरी सुरक्षा के साथ भेजा गया। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को 2 जुलाई को औपचारिक रूप से जम्मू से रवाना किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान पर किए गये हमले में IAF ने खोए फाइटर जेट? ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर डिफेंस अताशे के बयान से हंगामा, कांग्रेस ने शुरू की राजनीति

आतंकी धमकियों से श्रद्धालु बेखौफ

हाल ही में सुरक्षा संबंधी धमकियों के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ है। एक तीर्थयात्री ने दृढ़ निश्चय व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे अमरनाथ पर भरोसा है। आतंकवादी कुछ भी करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। मैं लोगों से जम्मू-कश्मीर आने और यह दिखाने का आग्रह करता हूं कि हम डरे हुए नहीं हैं।"

पुलिस ने अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू में सुरक्षा बढ़ाई

जम्मू पुलिस ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए जम्मू में कई जांच चौकियां स्थापित की हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वार्षिक 38 दिवसीय तीर्थयात्रा दो मार्गों से शुरू होगी। तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग को चुन सकते हैं और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन अधिक खड़े ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से भी जा सकते हैं, जो 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाता है। यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था कश्मीर के लिए रवाना होगा। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आगामी अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जम्मू पुलिस ने जिले भर में रणनीतिक रूप से अहम कई स्थानों पर संयुक्त जांच चौकी स्थापित करके सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत कर दिया है।’’ 

इसे भी पढ़ें: भारतीय रेलवे करने जा रहा है बड़ा सुधार...ज्यादा बुकिंग होगी, जल्द बनेगा चार्ट, और भी बहुत कुछ होगा आसान

उच्च-संवेदनशील और अत्यधिक व्यस्त आवाजाही वाले क्षेत्रों में 24 घंटे चालू रहेंगें

उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के साथ समन्वय में जांच चौकी स्थापित की गई हैं। प्रवक्ता ने बताया कि ये चौकियां राष्ट्रीय राजमार्गों, जम्मू के आसपास और भगवती नगर आधार शिविर की ओर जाने वाले मार्गों सहित उच्च-संवेदनशील और अत्यधिक व्यस्त आवाजाही वाले क्षेत्रों में 24 घंटे चालू रहेंगी। 

व्यक्तिगत रूप से जांच चौकियों की निगरानी 

पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और अन्य एजेंसियों के कर्मियों को गहन तलाशी, निगरानी और सत्यापन कार्यों के लिए तैनात किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि सतर्कता और लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जांच चौकियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नाका टीम को तीर्थयात्रियों और नागरिकों के प्रति कठोर जांच और सम्मानजनक व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

प्रमुख खबरें

Tyagraj Stadium में जुटेंगे 6000 युवा लीडर्स, MY Bharat गढ़ेगा विकसित भारत का भविष्य

ICC निलंबन से वापसी! Cricket Canada ने पेश की बहाली की कार्ययोजना

Jharkhand Politics में नया ट्विस्ट, Rajya Sabha सीट पर JMM के दावे से INDIA Alliance में खींचतान

Afghanistan Test में Rishabh Pant करेंगे कमाल! 100 Sixes का नया Indian रिकॉर्ड बनाने को तैयार