मोदी ने फोन करके हमारे राष्ट्रपति को... UAE ने ईरान जंग पर क्या बड़ा खुलासा कर दिया?

By अभिनय आकाश | Mar 11, 2026

अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध में अगर कहीं सबसे ज्यादा हमला हो रहा है तो वो यूएई है। यूएई में लगातार ईरान निशाना साधकर हमले कर रहा है। इसे लेकर यूएई से जुड़े देश काफी परेशान हैं। ऐसे में यूएई के राजदूत से एक सवाल हुआ कि अब भारत और यूएई के रिश्ते जिस स्तर पर हैं। ऐसे में जिस तरह से वहां पर हमले हो रहे हैं। ऐसे में वो भारतीय परिवारों को क्या कहेंगे। सवाल के जवाब में यूएई के राजदूत ने जो बात बताई है वो बेहद अहम है। उन्होंने बताया है कि इस घटना की शुरूआत में ही पीएम नरेंद्र मोदी ने तुरंत फोनकर सीधे यूएई के राष्ट्रपति से ही बात कर ली। जिसके बाद उन्हें ये भरोसा दिया गया कि खुद यूएई के राष्ट्रपति इस मामले को पर्सनली देखेंगे। 

इसे भी पढ़ें: Iran के मिसाइल हमलों में भारी गिरावट! सैन्य तबाही की प्लानिंग या Tehran की कोई नई रणनीति?

भारत में संयुक्त अरब अमीरात के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्ज़ा ने सोमवार को एनडीटीवी को बताया कि संयुक्त अरब अमीरात अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष में शामिल होने की इच्छुक नहीं है, और उन्होंने कहा कि इसमें शामिल होने का कोई कारण भी नहीं है। मौजूदा संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व से संपर्क साधने के बारे में पूछे जाने पर, मिर्ज़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री का सम्मान न केवल खाड़ी देशों और उनके नेताओं के बीच है, बल्कि आम जनता और कारोबारी समुदाय के बीच भी है। संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने कहा कि यही विश्वसनीयता मौजूदा युद्ध में शामिल दोनों पक्षों ईरान और अमेरिका पर भी लागू होती है। मिर्जा ने बताया कि मोदी द्वारा ईरान और इज़राइल में अपने समकक्षों को किया गया एक फोन कॉल इस मुद्दे को हल कर सकता है, इस मुद्दे को समाप्त कर सकता है। सिर्फ एक फोन कॉल। उन्होंने कहा कि यह आत्मविश्वास प्रधानमंत्री मोदी के "योद्धाओं" के प्रति रुख से आता है, जैसा कि यूएई के राजदूत ने बताया है। उन्होंने कहा कि इज़राइल, ईरान और अमेरिका यूएई की धरती पर युद्ध लड़ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: US-Israel vs Iran War | 'अब कम से कम 1 टन के वॉरहेड वाली मिसाइलों से होगा हमला', ईरान की नई चेतावनी

मिर्ज़ा ने आगे कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने में संयुक्त अरब अमीरात की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि अबू धाबी की भू-राजनीतिक स्थिति संवेदनशील है, वह ईरान का पड़ोसी है और अब्राहम समझौते के तहत इज़राइल का साझेदार है। मिर्ज़ा ने कहा कि यहीं पर यूएई की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आगे कहा हम दोनों पक्षों के बीच बातचीत करा सकते हैं। मिर्ज़ा ने अपने नागरिक दृष्टिकोण को बनाए रखते हुए कहा मैं सैन्य व्यक्ति नहीं हूं। उन्होंने कहा कि उनके आकलन के अनुसार, यूएई में अब तक मामूली नुकसान की खबरें सही हैं। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद जब युद्ध छिड़ गया, उसके कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और खाड़ी देश पर ईरान के हमलों की कड़ी आलोचना की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया।  

प्रमुख खबरें

PM Modi इस्तीफा दें, LPG संकट पर भड़के केजरीवाल, बोले- देश को USA की कॉलोनी बना दिया

Muhammad Yunus दौर के बाद बदली Bangladesh की विदेश नीति, PM Tarique Rahman ने भारत के साथ बढ़ाया सहयोग

Supreme Court की सख्ती का असर, अब NCERT की सभी Class की किताबों की होगी समीक्षा

मसूरी के इस आलीशान होटल में शादी के बंधन में बंधेंगे कुलदीप यादव, कभी यहां भारतीयों की एंट्री पर था बैन