By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 15, 2019
जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार पर किसानों, दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। मायावती ने रविवार को यहां चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार देश के किसानों, दलितों, आदिवासियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों का शोषण करती है तथा उनके साथ भेदभाव करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी जातिवादी और सांप्रदायिक सोच वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार के दौरान नौकरियों में पदोन्नति को लेकर आरक्षित वर्ग के लोगों के साथ भेदभाव किया गया।
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वहीं मोदी सरकार ने विपक्षी पार्टियों का मुंह बंद करने के लिए सीबीआई, ईडी जैसे हथियार अपना रही है। जनप्रतिनिधियों को खिलाफ झूठे मामले में फंसाने का काम कर रही है, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी किया था। उन्होंने कांग्रेस की ओर से गरीबों को छह हजार रूपए प्रति माह के हिसाब से साल में 72 हजार रूपए देने के वादे पर कहा कि बसपा की सरकार बनने पर हम हर हाथ को काम और बेरोजगारों को सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों में स्थाई नौकरी देने का काम करेंगे। मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में छह हजार रूपए प्रति माह देने की योजना क्यों लागू नहीं की गई है। उन्होंने ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वह पूंजीपतियों को और मालामाल करने का काम कर रहे हैं, तथा सरकार उनकी चौकीदारी कर रही है। जनता उनके इस जुमलेबाजी को समझ चुकी है, और चौकीदार की चालाकी इस चुनाव में लोगों को गुमराह नहीं कर पाएगी।