By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 21, 2020
नयी दिल्ली। उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 सोमवार को प्रभावी हो गया। सरकार ने इसे लागू करने के लिए नियमों को अधिसूचित कर दिया है। सरकार ने अधिनियम के तहत, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए), केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद, उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, मध्यस्थता, उत्पाद दायित्व और भ्रामक विज्ञापनों सहित अन्य विषयों के लिए नियमों को अधिसूचित किया है। संसद ने पिछले साल, वर्ष 1986 के कानून की जगह उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी दी थी। कानून, प्रशासन की प्रक्रिया को दुरुस्त करने और उपभोक्ता विवादों को निपटाने के लिए सख्त दंड के साथ, उपभोक्ताओं के विवादों के निपटान की कोशिश करता है। कंपनियों द्वारा मिलावट और भ्रामक विज्ञापनों के लिए जेल अवधि सहित सख्त दंड के प्रावधान किये गये हैं। केंद्रीय मंत्री रामविलास ने कहा, ‘‘पहले का कानून उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिहाज से समय खपाऊ था। खरीदारों को न केवल पारंपरिक विक्रेताओं से बल्कि नए ई-कॉमर्स खुदरा विक्रेताओं या मंचों से भी सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई संशोधनों के बाद नया कानून लाया गया है।’’ उपभोक्ता ममालों के मंत्री ने कहा कि नए कानून के कार्यान्वयन के लिए नियमों को अधिसूचित किया गया है। हालांकि, ई-कॉमर्स और सीसीपीए के नियमों को सप्ताहांत तक अधिसूचित किया जाएगा तथा प्रत्यक्ष बिक्री संबंधी कानून में कुछ और समय लगेगा।