By अभिनय आकाश | Apr 15, 2022
हिंदू नव वर्ष और रामनवमी के दिन गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा और झारखंड में हुए दंगों में एक बात जो कॉमन नजर आ रही है। वो है सोची-समझी प्लानिंग के तहत दंगे को अंजाम देना। राजस्थान के करौली से लेकर गुजरात हिम्मतनगर और मध्य प्रदेश के खरगौन तक दंगे में पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के हाथ होने के सबूत मिले हैं। पीएफआई को कई राज्य पहले से ही बैन कर चुके हैं। अब केंद्र सरकार ने भी बड़े एक्शन के संकेत दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार पीएफआई पर पूरे देश में प्रतिबंध लगा सकती है।
क्या है पीएफआई
पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का गठन 2006 में किया गया था।
पीएफआई एक उग्र इस्लामिक संगठन है।
पीएफआई लोगों को उनके हक दिलाने और समाजसेवा का दावा करता है।
16 राज्यों में फैले इस संगठन की महिला विंग भी है।
झारखंड में उस संगठन पर बैन भी लगाया गया था।
झारखंड सरकार को इसके कुछ सदस्यों के सीरिया में लिंक मिले थे।
2018 में केरल में भी इसको प्रतिबंधित करने की मांग उठी थी।
ये मांग एर्नाकुलम में एक छात्र की हत्या के बाद उठी थी।