मोदी सरकार ने पलटा 58 साल पुराना फैसला, RSS में अब शामिल हो सकेंगे सरकारी कर्मचारी, विपक्ष ने उठाए सवाल

By अंकित सिंह | Jul 22, 2024

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले हफ्ते एक आदेश जारी कर आरएसएस की गतिविधियों में सरकारी अधिकारियों की भागीदारी पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया। सरकार के इस फैसले पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष सरकार के इस कदम की आलोचना कर रहा है। भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने भी आदेश का एक स्क्रीनशॉट साझा किया और कहा कि 58 साल पहले जारी एक "असंवैधानिक" निर्देश को मोदी सरकार ने वापस ले लिया है।

पवन खेड़ा ने कहा कि 58 साल पहले केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मोदी सरकार ने आदेश वापस ले लिया है। AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल और नेहरू की सरकार ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया। प्रतिबंध इसलिए हटाया गया क्योंकि उन्हें इस बात पर सहमत होना पड़ा कि वे भारतीय संविधान का सम्मान करेंगे, वे भारत के राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करेंगे और उन्हें अपना लिखित संविधान देना होगा और उसमें कई शर्तें थीं कि वे राजनीति में भाग नहीं लेंगे।

इसे भी पढ़ें: PM Modi Russia Visit | 'नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा से पश्चिमी देशों को हो रही हैं जलन', क्रेमलिन ने जारी किया बयान

उन्होंने कहा कि आज ये बीजेपी-एनडीए सरकार उस संगठन को इजाजत दे रही है कि सरकारी कर्मचारी आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा ले सकें। इसलिए, मुझे लगता है कि यह बिल्कुल गलत है क्योंकि आरएसएस का सदस्यता प्रपत्र कहता है कि वे भारत की विविधता पर विचार नहीं करते हैं। वे हिंदू राष्ट्र की कसम खाते हैं। मेरा मानना ​​है कि सभी सांस्कृतिक संगठनों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

प्रमुख खबरें

हवा में अटकीं 161 यात्रियों की सांसें, Delhi में IndiGo Flight की Emergency Landing, बड़ा हादसा टला

यदि आप क्रेडिट कार्ड्स धारक हैं तो 1 अप्रैल 2026 से होने वाले 5 महत्वपूर्ण बदलावों को समझिए

Delhi-NCR को दूसरी हवाई ताकत, PM Modi ने किया Jewar Airport का शुभारंभ, IGI से घटेगा दबाव, जानें इसकी खासियत

केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी पर भड़की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, बताया राजनीतिक प्रतिशोध