गणतंत्र दिवस को चार दिवसीय उत्सव बनाकर मोदी ने ऐतिहासिक कार्य किया है

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Jan 18, 2022

हमारे गणतंत्र दिवस पर यों तो सरकारें तीन दिन का उत्सव मनाती रही हैं लेकिन इस बार 23 जनवरी को भी जोड़कर इस उत्सव को चार-दिवसीय बना दिया गया है। 23 जनवरी इसलिए कि यह सुभाषचंद्र बोस का जन्म दिवस होता है। सुभाष-जयंति पर इससे बढ़िया श्रद्धांजलि उनको क्या हो सकती है? भारत के स्वातंत्र्य-संग्राम में जिन दो महापुरुषों के नाम सबसे अग्रणी हैं, वे हैं— महात्मा गांधी और सुभाषचंद्र बोस। 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में गांधी और नेहरु के उम्मीदवार पट्टाभि सीतारम्मय्या को सुभाष बाबू ने हराकर इतिहास कायम किया था। वे मानते थे कि भारत से अंग्रेजों को बेदखल करने के लिए फौजी कार्रवाई भी जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस परेड से बोस की झांकी हटाने के केंद्र के कदम से ‘स्तब्ध’ ममता ने मोदी को लिखा पत्र

इंदिरा गांधी ने सुभाष बाबू के सम्मान में डाक-टिकिट जारी किया, फिल्म बनवाई, राष्ट्रीय छुट्टी रखी, कई सड़कों और भवनों के नाम उन पर रखे। 1969 में जब इंदिराजी काबुल गईं तो मेरे अनुरोध पर उन्होंने ‘हिंदू गूजर’ नामक मोहल्ले के उस कमरे में जाना स्वीकार किया, जिसमें सुभाष बाबू छद्म वेष में रहा करते थे लेकिन अफगान विदेश मंत्री डॉ. खान फरहादी ने मुझसे कहा कि इंदिराजी को वहां नहीं जाने की सलाह हमने भेजी है, क्योंकि वह जगह सुरक्षित और स्वच्छ नहीं है। जो भी हो, मैंने काबुल के उस कमरे में एक छोटा-सा उत्सव-जैसा करके सुभाष बाबू का चित्र प्रतिष्ठित कर दिया था। मैं अब भाई नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं कि उन्होंने सुभाष बाबू के जन्म-दिवस को मनाने का इतना सुंदर प्रबंध कर दिया है। मैं तो उनसे अनुरोध करता हूं कि सुभाष बाबू वियना (आस्ट्रिया) और जापान में जहां भी रहते थे, उन स्थानों को वे स्मारक का रूप देने का कष्ट करें और वह पत्र भी पढ़ें, जो 24 जनवरी 1938 को महान स्वातंत्र्य-सेनानी रासबिहारी बोस ने सुभाष बाबू को लिखा था, ‘‘अगली महत्वपूर्ण बात है, हिंदुओं को संगठित करना! भारत के मुसलमान वास्तव में हिंदू ही हैं।... उनकी धार्मिक प्रवृत्तियां और रीति-रिवाज तुर्की, ईरान और अफगानिस्तान के मुसलमानों से अलग हैं। हिंदुत्व में बड़ा लचीलापन है।’’

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

ICC World Cup 2027 की तैयारी: अगली ODI सीरीज से तय संयोजन के साथ खेलना चाहते हैं Shubman Gill

ठाकरे बंधुओं का एक मंच, Gyanesh Kumar के खिलाफ हुंकार; SIR पर भी उठाई आवाज

Sanju Samson बोले, अनुभवी India A टीम उतारने से Asian Games Final में Pakistan पर दबाव बना

तुला राशि में Shukra Vakri: 14 नवंबर तक 4 राशियों को करियर और कारोबार में बड़ा लाभ