China में आ रहा नया राष्ट्रपति! BRICS में मोदी ने खेल दिया बड़ा मास्टरस्ट्रोक, जिनपिंग हाथ से सत्ता जाते देख रहे

By अभिनय आकाश | Jul 07, 2025

चीन का वो नेता जिसे आजीवन सत्ता का प्रतीक माना गया, अब पीछे हटने की तैयारी कर रहा है। शी जिनपिंग जिनका नाम लेते ही एक तानाशाह और लोहे की मुट्ठी से राज करने वाला चेहरा ध्यान में आता है। आजकल खुद अपनी शक्ति बांट रहे हैं। ऐसे में चर्चा तेज हो चली है कि क्या चीन में राष्ट्रपति बदलने वाला है। क्या भारत के पड़ोसी देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है। 2012 यही वो साल था जब शी जिनपिंग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव के तौर पर सत्ता संभाली। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का अध्यक्ष बनकर देश की पूरी सत्ता पर कब्जा जमा लिया। लेकिन अब चीन में शी जिनपिंग को लेकर तरह तरह की खबरे सामने आ रही है। ऐसे वक्त में जब ब्रिक्स में नरेंद्र मोदी का दबदबा पूरी दुनिया ने महसूस किया। ब्रिक्स सम्मेलन में जितने भी देश के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में आतंकवाद की निंदा की और भारत का साथ दिया। आतंकवाद के खिलाफ जिस तरह जीरो टालरेंस की नीति भारत अपनाता है। वही नीति ब्रिक्स सम्मेलन में ये देश भी अपनाते नजर आए। इससे भी ज़्यादा उल्लेखनीय बात यह है कि 2012 में सत्ता संभालने के बाद यह पहली बार है जब शी ब्रिक्स मंच से अनुपस्थित रहेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाग ले रहे हैं। दरअसल, पीएम मोदी ने आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान पर तीखा हमला किया और यह भी कहा कि यह स्वीकार्य नहीं होना चाहिए कि कुछ लोग व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए आतंक के प्रसार के खिलाफ कुछ न कहें या कुछ न करें।

ब्रिक्स में शी की अनुपस्थिति क्यों मायने रखती है?

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शी की अनुपस्थिति महत्वपूर्ण है। इससे समूह का महत्व कम हो जाता है। इसके अलावा, शिखर सम्मेलन में भाग न लेने का शी का निर्णय वैश्विक दक्षिण देशों के बीच चीन के नेतृत्व को मजबूत करने और खुद को पश्चिमी प्रभाव के प्रतिकार के रूप में स्थापित करने का एक खोया हुआ अवसर भी है एक ऐसी छवि जिसे बीजिंग ने लंबे समय से विकसित किया है। इसके अलावा, समूह की स्थिति इस तथ्य से भी प्रभावित हो सकती है कि केवल शी ही नहीं बल्कि रूस के व्लादिमीर पुतिन भी बैठक में भाग नहीं ले रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे हैं और हो सकता है कि उन्होंने शिखर सम्मेलन के मेजबानों को शर्मिंदा होने से बचाने के लिए रियो की यात्रा न करने का फैसला किया हो, जो ICC क़ानून पर हस्ताक्षरकर्ता हैं। 

इसे भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों पर चीन ने क्या झूठ फैलाया, भड़के मोदी के दोस्त मैक्रों लेंगे जिनपिंग से बदला?

ट्रंप की धमकी

लेकिन ब्रिक्स के नतीजे चाहे जो भी हों, अमेरिका इस पर कड़ी नज़र रख रहा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही ब्रिक्स समूह की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़े देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने रविवार रात ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले किसी भी देश पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद!   

प्रमुख खबरें

Kerala में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय Adhil के अंग किए गए दान

Yashasvi Jaiswal पर ICC की बड़ी कार्रवाई, Colombo टेस्ट में झड़प पर लगा जुर्माना

Privacy Violation: दिल्ली हाईकोर्ट ने Abhijit Iyer-Mitra और मीडिया आउटलेट्स को जारी किया समन, मांगा जवाब

JPSC Civil Services Exam में धांधली की गूंज, Supreme Court ने केंद्र और झारखंड सरकार को भेजा नोटिस