By अभिनय आकाश | Dec 06, 2025
रूस ने भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में चल रहे सहयोग पर प्रकाश डाला। पुतिन ने कहा कि कुडनकुलम परियोजना द्विपक्षीय सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण बनी हुई है, जहाँ छह में से दो रिएक्टर पहले ही चालू हो चुके हैं और चार और रिएक्टर पूरा होने की ओर अग्रसर हैं। पुतिन ने कहा हम भारत के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र, कुडनकुलम के निर्माण की एक प्रमुख परियोजना पर काम कर रहे हैं। छह में से दो रिएक्टर इकाइयों को पहले ही ऊर्जा नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है, और चार अभी निर्माणाधीन हैं। इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र को पूर्ण क्षमता पर लाने से भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं में उल्लेखनीय योगदान होगा।
तमिलनाडु के दक्षिणी सिरे के पास स्थित, कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में अंततः छह VVER-1000 रिएक्टर स्थापित होंगे जिनकी संयुक्त क्षमता 6,000 मेगावाट होगी। पहले दो रिएक्टरों को 2013 और 2016 में ग्रिड से जोड़ा गया था, और शेष इकाइयों पर काम लगातार आगे बढ़ रहा है। ईंधन आपूर्ति के संबंध में मास्को के आश्वासन से भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।