गुजरात में 12 साल तक CM रहे मोदी, अब उनके बाद कोई मुख्यमंत्री आख़िर टिक क्यों नहीं पा रहा?

By अंकित सिंह | Sep 16, 2021

गुजरात के 12 सालों तक मुख्यमंत्री पद को संभालने वाले नरेंद्र मोदी जबसे दिल्ली में प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए हैं, तब से राज्य की राजनीति में मुख्यमंत्री को लेकर नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी को जब गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था तब वह भाजपा के लिए संगठन में काम करते थे। हालांकि तब से लेकर 2014 तक वह लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। सबसे बड़ी बात यह थी कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले मोदी कभी मंत्री भी नहीं रहे थे। बावजूद इसके वह गुजरात की राजनीति में सबसे परिपक्व और मजबूत मुख्यमंत्री बनकर उभरे। 

नरेंद्र मोदी के आगे सभी फीके

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात में जो कामकाज हुए वह काफी सराहनीय रहा। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य पर अपनी जबरदस्त पकड़ मजबूत की और दमदार नेतृत्व भी दिया। वह गुजरात के एक मजबूत नेता के तौर पर उभरे। वर्तमान में देखें और ना ही आनंदीबेन पटेल और ना ही विजय रूपाणी कुछ इस तरह का प्रभाव गुजरात में दिखा पाए। 

इसे भी पढ़ें: नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा की, आठ लेन का होगा यह एक्सप्रेसवे

विरोधियों को साधने की ताकत

नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि वह गुजरात में सभी को साथ लेकर चलने में कामयाब रहे। मोदी जितना अपनी पार्टी को एकजुट रखने में कामयाब रहे उतना ही वह विरोधियों को भी साधने में सफल रहे। मोदी की यह काबिलियत बाद में बने मुख्यमंत्रियों में नहीं दिखी। आनंदीबेन पटेल या फिर विजय रूपाणी पर विरोधियों ने प्रहार किए तो वह उतने मजबूती के साथ पलटवार नहीं कर सके।

पाटीदार

राज्य में नरेंद्र मोदी के बाद मुख्यमंत्रियों के बदलने में पाटीदार आरक्षण आंदोलन का भी जबरदस्त असर रहा। दरअसल, राज्य में 20% जनसंख्या पाटीदारों की है। पूर्वर्ती मुख्यमंत्री इस चुनौती को सही से हैंडल करने में कामयाब नहीं हो सके। पाटीदार भाजपा का वोट बैंक रहा है। ऐसे में भूपेंद्र पटेल के जरिए भाजपा उन्हें साधने की कोशिश कर रही है। गुजरात में दिसंबर 2022 में चुनाव हो सकते हैं। 

प्रमुख खबरें

Health Tips: Processed Food खाने से बढ़ता है Diabetes, BP और Heart Disease का खतरा

ECI का बड़ा U-टर्न, फॉर्म 6 से हटाया SIR का कॉलम, 2 चुनाव आयुक्तों ने इस पर सवाल उठाए थे

Kerala High Court ने नशे में गाड़ी चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का दिया सख्त निर्देश

Supriya Sule और मैं देश की चिंता कर लेंगे, आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, पवार को मोदी के फोन से मची राजनीतिक हलचल