By रेनू तिवारी | Apr 28, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को बनारस से पुणे के हडपसर और अयोध्या से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक चलने वाली दो नयी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के साप्ताहिक संचालन को हरी झंडी दिखाएंगे। रेल मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में सोमवार को कहा गया, ‘‘बनारस-हडपसर (पुणे) सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र की यात्रा सुगम होगी। इससे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संबंध मजबूत होंगे।’’
इन दो मार्गों पर शुरू हुई सेवा
रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नई सेवाओं का विवरण इस प्रकार है:
बनारस से पुणे (हडपसर): यह ट्रेन काशी विश्वनाथ धाम और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक केंद्र पुणे के बीच की दूरी को सुगम बनाएगी।
अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस): यह सेवा सीधे श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगी।
तीर्थयात्रियों और श्रमिकों के लिए 'वरदान'
मंत्रालय की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इसके कई बड़े लाभ होंगे:
सीधा संपर्क: उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अब बीच में ट्रेन बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
प्रवासी श्रमिकों को राहत: यह ट्रेन विशेष रूप से उन प्रवासी श्रमिकों और दैनिक यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो काम के सिलसिले में इन दो राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं।
सस्ती और आधुनिक यात्रा: अमृत भारत एक्सप्रेस अपनी आधुनिक सुविधाओं और किफायती किराए के लिए जानी जाती है, जो आम आदमी के लिए आरामदायक सफर सुनिश्चित करती है।
अमृत भारत एक्सप्रेस की विशेषताएं
अमृत भारत एक्सप्रेस एक 'पुश-पुल' तकनीक पर आधारित ट्रेन है, जिसमें आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन होते हैं। इससे ट्रेन की रफ़्तार और रुकने की क्षमता में सुधार होता है।
बेहतर डिजाइन: इन ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए एर्गोनोमिक सीटें, बेहतर सामान रैक और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दिए गए हैं।
सुरक्षा: झटकों से बचने के लिए सेमी-परमानेंट कपलर्स और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
जल्द शुरू होगा नियमित संचालन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आज की उद्घाटन यात्रा (Inaugural Run) के बाद मंत्रालय बहुत जल्द इन दोनों ट्रेनों के नियमित समय-सारणी (Scheduled Operation) की घोषणा करेगा। प्रधानमंत्री की इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और परिवहन व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।