By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 09, 2026
भुवनेश्वर, नौ अगस्त ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ‘जेन जी’ से अपील करते हुए रविवार को कहा कि वे ‘‘उन्हें गुमराह करने और वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर करने का प्रयास कर रही बाहरी ताकतों’’ का शिकार न बनें। माझी ने राज्य स्तरीय ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन युवाओं को ‘‘बाहरी ताकतों द्वारा गुमराह’’ किया जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत के युवा देशभक्त हैं और देश को आगे ले जाने का प्रयास करते हैं।
मेरी सलाह है कि युवा देशभक्ति को प्राथमिकता दें। युवाओं की एक ही आवाज है—हमारा देश सुरक्षित रहेगा!’’ उन्होंने दावा किया कि ‘‘कुछ बाहरी ताकतें’’ डिजिटल मीडिया अभियानों के जरिए ‘जेन-जी’ को गुमराह करने और भारत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। ‘जेन-जी’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।
यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। इन्हें डिजिटल नेटिव्स भी कहा जाता है क्योंकि इनका जीवन स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ा माना गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज के युवाओं को ऐसी ताकतों से दूर रहना चाहिए और देश की एकता के लिए काम करना चाहिए।’’ माझी ने कहा कि युवा बाहरी ताकतों के मंसूबों के आगे नहीं झुकेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी बाहरी ताकत भारत के युवाओं को कमजोर नहीं कर सकती। आज की तिरंगा यात्रा का उद्देश्य एकजुट रहना और बाहरी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना है।’’ उन्होंने युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए कहा कि ये वर्ग देश को ‘‘विश्वगुरु’’ के रूप में विकसित करेगा। माझी ने कहा, ‘‘मैं ओडिशा के सभी युवाओं का आह्वान करता हूं कि वे आगे आएं और विकसित भारत का निर्माण करें।’’ मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी संबलपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद धर्मेंद्र प्रधान के उस दावे के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘जेन-जी’ को ‘‘गुमराह’’ करने की कोशिश की गई, इसी कारण उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
प्रधान ने कहा था, ‘‘जेन-जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं था।
भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 वर्षों के दौरान 20 करोड़ बच्चों का जन्म हुआ। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं, और वे भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाएंगे।
मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।