By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 31, 2026
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुष्टीकरण की इसी राजनीति के कारण उसने आजादी से पहले भी राष्ट्र गीत वंदे मातरम के कुछ अहम हिस्सों को हटा दिया था। धार्मिक नगरी ओरछा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी उसी नीति पर चल रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं तथा केंद्र एवं मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताएं एवं प्रमुख विपक्षी पार्टी की तुष्टीकरण की नीति के खिलाफ प्रदेश भर में माहौल भी बनाएं।
दरअसल, पहले वंदे मातरम के दो अंतरे ही गाए जाते थे लेकिन संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को कानूनी संरक्षण दिया है। इसके बाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा ने इसकी निंदा की। बाद में 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल प्रथम दो ही अंतरे गाने का निर्णय लिया।
भाजपा इस मुद्दे पर लगातार कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है और आरोप लगा रही है कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में विरोधी दलों का काम करने का तरीका बहुत ही गलत है और वे दो मुहां तरीके से चलने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जब समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी चल रही थी तब कांग्रेस ने इसका खुलकर और ठोस विरोध नहीं किया, लेकिन अपने दो मुस्लिम विधायकों को आगे किया एवं उनसे विरोध कराया।