By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
जबलपुर, दो नवंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि देश के 80 प्रतिशत हिस्से से पार्टी का सफाया हो चुका है और बाकी 20 प्रतिशत हिस्से से भी आगामी चुनावों में उसका सफाया हो जाएगा। यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से यहां आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का पूरे देश से सफाया हो जाएगा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के जवाब में भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाल रही है।
यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि कांग्रेस अब देश की सत्ता संभालने के योग्य नहीं रह गई है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में देश के 80 प्रतिशत हिस्से से कांग्रेस का सफाया हो चुका है। बाकी 20 प्रतिशत हिस्से में जहां कांग्रेस का थोड़ा-बहुत जनाधार बचा है, वहां से भी आगामी चुनावों में उसका सफाया हो जाएगा।’’ उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का पूरे देश से सफाया हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देश के नेतृत्व को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दल कितने भी षड्यंत्र कर लें, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं और वह आने वाले वर्षों में भी देश का नेतृत्व करते रहेंगे। मेघवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को धमकाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और उसके नेता अपनी साख खो चुके हैं, इसलिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। लोकतंत्र को बचाने और अराजकता फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए जनता आगे आए।’’ इस अवसर पर खंडेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई बार एसआईआर कराया गया था। उन्होंने कहा कि मतपत्रों से होने वाले चुनावों में भी हारने वाली कांग्रेस के नेता राहुल गांधी दुनिया में सबसे अधिक चुनाव हारने वाले नेता बन गए हैं।