By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
संसद के मॉनसून सत्र में ज़बरदस्त राजनीतिक टकराव की उम्मीद है, जो 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, चार हफ़्ते के इस सत्र में 19 बैठकें हो सकती हैं। कई क्षेत्रीय पार्टियों में हो रहे राजनीतिक बदलावों और सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे आक्रामक विपक्ष के कारण, इस सत्र के काफ़ी हंगामेदार रहने की उम्मीद है। सत्र शुरू होने से पहले, लोकसभा स्पीकर बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों और शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शिवसेना (शिंदे गुट) में विलय के मामले पर फैसला ले सकते हैं। लोकसभा में इन बागी सांसदों के बैठने की व्यवस्था पर भी फैसला होने की संभावना है।
130वें संविधान संशोधन बिल में यह प्रस्ताव हो सकता है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री 30 दिन से ज़्यादा समय तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ना होगा। उम्मीद है कि संयुक्त संसदीय समिति इस प्रावधान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की सिफारिश करेगी।
सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' बिल के लिए बनी समिति को मिले समय को बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ सकती है। FCRA से जुड़े विवादित कानून भी आने वाले सत्र में पेश किए जा सकते हैं। इसके अलावा, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान, एंटी-डोपिंग सुधार, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाना, कॉर्पोरेट कानून में सुधार और सिक्योरिटीज मार्केट कोड जैसे बिल भी पास कराने के लिए लाए जा सकते हैं। विपक्ष कम मॉनसून, सूखे और बाढ़, NEET पेपर लीक, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों, महंगाई और बेरोज़गारी के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।