By अंकित सिंह | Jul 04, 2026
अप्रैल में संसद की पिछली बैठक के बाद से राजनीतिक हालात में काफी बदलाव आया है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में सदन के भीतर नया राजनीतिक समीकरण और बदली हुई केमिस्ट्री देखने को मिलेगी, जिसमें सदन की बनावट में कुछ बेहद चौंकाने वाले और दूरगामी बदलाव शामिल होंगे। दल-बदल, नए गठबंधन, विलय, बैठने की नई व्यवस्था और बदले हुए हालात एक हंगामेदार सत्र का संकेत देते हैं। चार हफ़्ते तक चलने वाले इस सत्र में 19 बैठकें होंगी और यह 13 अगस्त तक चलेगी।
सत्र शुरू होने से पहले, स्पीकर ओम बिरला 20 बागी तृणमूल सांसदों के कम चर्चित NCPI में विलय पर फैसला लेंगे। वह उद्धव सेना के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय पर भी फैसला करेंगे। एक और अहम बदलाव तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK के बीच गठबंधन के बाद INDIA ब्लॉक और DMK का अलग होना है। DMK ने स्पीकर को पत्र लिखकर अपने सांसदों के लिए कांग्रेस से दूर नई सीटें मांगी हैं।
इन सभी समीकरणों और जोड़-तोड़ से सत्ताधारी NDA मज़बूत होगा और विपक्ष कमज़ोर पड़ेगा, क्योंकि विपक्ष के खेमे से TMC के 20, उद्धव सेना के 6 और DMK के 22 सांसद अलग हो रहे हैं। इससे NDA की संख्या में भी उतनी ही बढ़ोतरी होगी। संसद में अपने तीसरे कार्यकाल में NDA की स्थिति इतनी अच्छी कभी नहीं रही। बदले हुए हालात ने इसे दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा दिया है।
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