बजट वैसे तो काफी अच्छा है लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य पर और ध्यान देना चाहिए था

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Feb 04, 2023

कोई सरकार कैसा भी बजट पेश करे, विरोधी दल उसकी आलोचना न करें, यह संभव ही नहीं है। विरोधी दलों की आलोचनाएं हमेशा असंगत होती हैं, ऐसा भी नहीं है। वे कई बार सरकार और संसद को नई दिशा भी दे देती हैं। इस बार भी कुछ विरोधी दलों ने इस बजट को किसान और मजदूर-विरोधी बताया है और सरकार से पूछा है कि उसने अपना खर्च इतना ज्यादा बढ़ा लिया है तो वह पैसा कहां से लाएगी? लेकिन सरकार के इस बजट की ज्यादातर वित्तीय विशेषज्ञ तारीफ कर रहे हैं। वे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण् के द्वारा अब तक पेश किए गए बजटों में इसे सर्वश्रेष्ठ बता रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: आम आदमी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरा है इस बार का आम बजट

इसके अलावा इस बजट में बुजुर्गों, महिलाओं, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के लिए भी तरह-तरह की सुविधाएं प्रदान की गई हैं। देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की घोषणा पहले ही हो चुकी है। किसानों को इस साल 20 लाख करोड़ रु. का ऋण दिया जाएगा। बच्चों में एनीमिया (रक्ताल्पता) की कमी को दूर करने के लिए सरकार इस बार ज्यादा खर्च करेगी। नए हवाई अड्डे तो बनेंगे ही, लेकिन रेल-प्रबंध भी बेहतर बनाया जाएगा। नितिन गडकरी की देखरेख में सड़क-निर्माण कार्य तेजी से हो ही रहा है। डिजिटल लेन-देन में यो भी भारत दुनिया के देशों में अग्रगण्य है, लेकिन उसे अब अधिक बढ़ाया जाएगा। ऐसी कई पहल इस बजट में हैं लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी पहल भारत को करनी चाहिए, उसके संकेत बहुत हल्के हैं। किसी भी राष्ट्र को सुखी और संपन्न बनाने के लिए इन दोनों मुद्दों पर जोर देना बहुत जरूरी है। शोध और शिक्षा का माध्यम जब तक भारतीय भाषाओं में नहीं होगा और चिकित्सा में पारंपरिक भारतीय पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बजट नहीं बनेगा, भारत की प्रगति की रफ्तार तेज नहीं हो पाएगी।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

कर्नाटक: UT Khader ने Rahul Gandhi पर टिप्पणी के लिए भाजपा विधायक की आलोचना की

Allahabad High Court का फैसला: गर्भावस्था सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं

AIIMS Raebareli परिसर में मरीजों के तीमारदारों के लिए बनेगा रात्रि विश्राम गृह

Allahabad High Court का फैसला, प्रशासनिक देरी के आधार पर छूट नहीं मांग सकते सरकारी विभाग