By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 02, 2026
अगर आपका सुबह उठते ही बार-बार पेट फूला रहता है या शरीर थका हुआ लगता है। इस तरह की परेशानियां होना नींद की कमी या गलत खान-पान का परिणाम मान लेते हैं।
क्या होता है फैटी लिवर डिजीज?
फैटी लिवर को साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि इसके लक्षण बहुत आम होते हैं। सुबह उठते ही शरीर में सुस्त रहना, दिनभर शरीर में एनर्जी कम रहना और खाने के बाद पेट में भारीपन या ब्लोटिंग होना। वैसे फैटी लिवर बिना बताए धीरे-धीरे बढ़ता है और पता चलने तक ही बहुत देर हो जाता है।
थकान और ब्लोटिंग को साइलेंट सिग्नल क्यों माना जाता है?
असल में लिवर शरीर का एनर्जी और डाइजेशन का प्रमुख सोर्स होता है। वहीं, जब लिवर में फैट बढ़ जाता है, तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। फिर खाना ठीक से नहीं पचता है और शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। यही कारण है कि नींद पूरी होने के बाद भी थकान बनी रहती है और पेट फूला हुआ महसूस होता है।
वहीं, पसलियों के नीचे हल्का दर्द या भारीपन भी महसूस होने लगता है। फैटी लिवर की बीमारी गंभीर रुप ले लेती है, तो इससे पेट में पानी जमा हो जाता है, जो कि त्वचा और आंखों में पीलापन बढ़ना और पैरों में सूजन की समस्याएं बढ़ जाती है।
बचाव और लाइफस्टाइल में बदलाव
- रोजाना 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज करें।
- साबुत अनाज, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी का सेवन करें।
- जंक फूड, मीठी चीजें, मैदा और शराब से परहेज करें।
- वजन को नियंत्रित करें।
फैटी लिवर में क्या खाएं?
- हरी सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, लौकी, तोरई, पत्ता गोभी। फलों में पपीता, सेब, नींबू और आंवला।
- वहीं आप भीगे हुए बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स आदि।