कोरियाई सिनेमा इतिहास की सबसे महंगी फिल्म 'Hope' 25 सितंबर को भारत में होगी रिलीज़, 'स्क्विड गेम' स्टार होयोन का दिखेगा जलवा

By रेनू तिवारी | Sep 02, 2026

'द वेलिंग' (The Wailing) जैसी सस्पेंस हॉरर क्लासिक फिल्म बनाने वाले दिग्गज साउथ कोरियाई फिल्ममेकर ना होंग-जिन लगभग एक दशक बाद बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी कर रहे हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित साइंस-फिक्शन थ्रिलर फिल्म 'होप' (Hope) भारत के सिनेमाघरों में 25 सितंबर 2026 को दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें साउथ कोरिया के सबसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ हॉलीवुड की चर्चित जोड़ियां एक साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी।

भारतीय दर्शकों के लिए यह फ़िल्म अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल, तेलुगु और कोरियाई भाषाओं में आएगी। इस तरह यह सिर्फ़ कोरियाई भाषा की फ़िल्म न रहकर एक बड़े पैमाने पर रिलीज़ होने वाली फ़िल्म बन जाएगी।

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'होप' किस बारे में है?

साउथ कोरिया के 'डीमिलिटराइज़्ड ज़ोन' (DMZ) के पास एक दूर-दराज़ के गाँव में सेट, 'होप' की कहानी एक रहस्यमयी जीव के मिलने से शुरू होती है। जो घटना शुरू में एक अलग-थलग मामला लगती है, वह जल्द ही ज़िंदा रहने की लड़ाई में बदल जाती है।

पुलिस चीफ़ बम-सेओक और ऑफ़िसर सुंग-ए को गाँव की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालनी पड़ती है, क्योंकि मदद के लिए आने वाली टीम को जंगल की आग बुझाने के काम में लगा दिया जाता है और बाहरी दुनिया से संपर्क टूट जाता है। इस बीच, जो स्थानीय लोग उस जीव का पता लगाने के लिए पहाड़ों में जाते हैं, उन्हें पता चलता है कि वे खुद ही शिकार बन गए हैं।

कहानी का आधार एक सीधी-सादी 'क्रिएचर थ्रिलर' जैसा लगता है, लेकिन ऐसा लगता है कि ना होंग-जिन इस जॉनर का इस्तेमाल किसी बड़ी चीज़ की शुरुआत के तौर पर कर रहे हैं। कहानी एक स्थानीय रहस्य से आगे बढ़कर "ब्रह्मांडीय स्तर" की त्रासदी में बदल जाती है, जिसमें रहस्यमयी जीव के खतरे के साथ-साथ इंसानी टकराव भी बढ़ता जाता है।

'द वेलिंग' से कनेक्शन

कोरियाई हॉरर फ़िल्मों के फ़ैंस के लिए ना होंग-जिन का नाम बहुत मायने रखता है। उनकी फ़िल्मों में 'द चेज़र' (2008), 'द येलो सी' (2010) और 'द वेलिंग' (2016) शामिल हैं, और ये सभी कान (Cannes) फ़िल्म फ़ेस्टिवल के लिए चुनी गई थीं। 'होप' 10 साल बाद निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फ़ीचर फ़िल्म है।

फ़िल्ममेकर ने 'होप' को 'द वेलिंग' से अलग तरह से बनाया है। जहाँ उनकी 2016 की फ़िल्म ने माहौल, रहस्य और बढ़ते डर के ज़रिए हॉरर पैदा किया था, वहीं 'होप' (Hope) में एक्शन और बड़े पैमाने पर बनी फ़िल्म होने पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया है।


कोरियन-हॉलीवुड कास्ट

यह बड़े पैमाने का अंदाज़ कास्ट में भी दिखता है। साउथ कोरिया के सबसे मशहूर एक्टर्स में से एक, ह्वांग जंग-मिन ने पुलिस चीफ़ बम-सेओक का रोल किया है, जबकि ज़ो इन-सुंग ने सुंग-की का रोल निभाया है। 'स्क्विड गेम' (Squid Game) के बाद ग्लोबल स्टार बनी होयोन ने सुंग-ए का रोल किया है।

हॉलीवुड की तरफ़ से माइकल फ़ैसबेंडर, एलिसिया विकेंडर, टेलर रसेल और कैमरन ब्रिटन शामिल हैं। फ़ैसबेंडर और विकेंडर ने रहस्यमयी एलियन किरदारों की भूमिका निभाई है, जिससे फ़िल्म की कोरियन-हॉलीवुड पहचान में एक और परत जुड़ गई है।

होयोन के लिए, 'होप' उनके ग्लोबल टेलीविज़न ब्रेकथ्रू से बड़े पैमाने पर बनने वाली थिएट्रिकल सिनेमा की ओर एक अहम कदम है। वह कोरियन दिग्गज ह्वांग जंग-मिन और ज़ो इन-सुंग के साथ स्क्रीन शेयर करती हैं और एक इंटरनेशनल कास्ट के साथ काम करती हैं।

कान्स से ग्लोबल रिलीज़ तक

'होप' का प्रीमियर 2026 कान्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल में कॉम्पिटिशन सेक्शन में हुआ, जो ना होंग-जिन की 'पाल्मे डी'ओर' (Palme d’Or) के लिए कॉम्पिटिशन करने वाली पहली फ़िल्म बनी। यह कान्स के लिए चुनी गई उनकी लगातार चौथी फ़िल्म भी थी।

फ़िल्म की इंटरनेशनल महत्वाकांक्षाएँ फ़ेस्टिवल सर्किट से कहीं आगे तक जाती हैं। खबरों के मुताबिक, घरेलू रिलीज़ से पहले ही इसके डिस्ट्रिब्यूशन राइट्स 200 से ज़्यादा देशों और इलाकों में बेचे गए, जिससे फ़िल्म को लेकर ग्लोबल उम्मीदों का पता चलता है।

कोरिया में सिनेमाघरों में रिलीज़ होने से भी फ़िल्म को काफ़ी रफ़्तार मिली। 'होप' ने साउथ कोरिया में ज़बरदस्त ओपनिंग की, रिलीज़ के समय लाखों टिकट बिके और इसने 40 लाख दर्शकों का आंकड़ा पार कर लिया।

फ़िल्म को IMAX, डॉल्बी सिनेमा, स्क्रीनX और 4DX जैसे प्रीमियम फ़ॉर्मेट में भी रिलीज़ किया गया, जिससे पता चलता है कि इसके मेकर्स ने थिएट्रिकल अनुभव पर कितना ज़्यादा ज़ोर दिया है।

क्यों 'होप' अपने मॉन्स्टर से कहीं ज़्यादा अहम है

'होप' के केंद्र में सिर्फ़ एलियन का हमला नहीं है। ना होंग-जिन बार-बार इस विचार पर लौटते हैं कि कैसे डर और गलतफ़हमी हिंसा में बदल सकते हैं। यह ना होंग-जिन का एक जाना-पहचाना विचार है, लेकिन एक नए रूप में: आम लोग असाधारण हालात में फँस जाते हैं, और जैसे-जैसे डर हावी होता है, नैतिकता और भी उलझती जाती है।

ना होंग-जिन की 'होप' भारत में 25 सितंबर को रिलीज़ हो रही है।

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