Motilal Nehru Birth Anniversary: देश के अमीर वकीलों में होती थी मोतीलाल नेहरु की गिनती, आजादी में निभाई अहम भूमिका

By अनन्या मिश्रा | May 06, 2024

आज ही के दिन यानी की 06 मई को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख व्यक्तियों में एक पंडित मोतीलाल नेहरू का जन्म हुआ था। हालांकि उनको लोग देश के पहले प्रधानमंत्री के पिता के रूप में अधिक जानते हैं। बता दें कि मोतीलाल नेहरु एक वकील, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने अपना जीवन भारतीय स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया था। आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर मोतीलाल नेहरु के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 06 मई 1861 को मोतीलाल नेहरु का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम गंगाधर नेहरु और माता का नाम इंद्राणी नेहरु था। मोतीलाल के जन्म से तीन महीने पहले इनके पिता का निधन हो गया था। जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनके बड़े भाई नंदलाल नेहरु ने किया था।

कॅरियर

आपको बता दें कि मोतीलाल नेहरु ने अपने कानून कॅरियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मोतीलाल नेहरु ने अपने कॅरियर के शुरूआती दिन गरीबी में गुजारे हैं। लेकिन बाद में वह अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल हो गए थे। अंग्रेज जज नेहरु को अधिक तवज्जो नहीं देते थे। लेकिन उनकी काबिलियत और मेहनत की वजह से अंग्रेज जज उनसे प्रभावित रहते थे। हाईकोर्ट में अपने पहले केस के लिए नेहरु को 5 रुपए मिले थे। बाद में उनको बहुत तरक्की मिली, मोतीलाल नेहरु को एक केस के लिए अच्छे खासे पैसे मिलने लगे।

इसे भी पढ़ें: Giani Zail Singh Birth Anniversary: पंजाब के इकलौते और देश के 7वें राष्ट्रपति थे ज्ञानी जैल सिंह

आईएनसी चुने गए थे अध्यक्ष

वहीं पंडित मोतीलाल नेहरु भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक प्रमुख नेता थे और उन्होंने दो बार पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया था। साल 1919 में मोतीलाल नेहरु पहली बार अमृतसर से और साल 1928 में कलकत्ता से दूसरी बाद आईएनसी के अध्यक्ष चुने गए। स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से उनको कई बार जेल यात्रा भी करनी पड़ी। राजनीति में सक्रियता होने के साथ मोतीलाल नेहरु एक सम्मानित और अमीर वकील भी हुआ करते थे।

इसके साथ ही मोतीलाल नेहरु ने भारत की कानून व्यवस्था को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी। 01 जनवरी 1923 को उन्होंने चितरंजन दास के साथ स्वराज पार्टी की सह-स्थापना की। फिर वह दिल्ली में ब्रिटिश भारत की संयुक्त प्रांत विधान परिषद के लिए चुने गए। जहां पर नेहरु ने विपक्ष नेता के रूप में काम किया। उन्होंने फेमस 'नेहरु रिपोर्ट' लिखी थी। जिसमें मोतीलाल नेहरु ने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ लोकतांत्रिक विचारों को सामने रखने का काम किया।

प्रमुख खबरें

प्रदर्शनकारियों को हथियार! Trump के दावे पर भड़का Iran, UN Security Council से बोला- एक्शन लें।

West Asia संकट के बीच MEA का बड़ा एक्शन, Iran से 1862 भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की

CM Nishant Kumar के नारों पर Nitish की मुस्कान, क्या Bihar में पक रही है कोई Political खिचड़ी?

नजफगढ़ का ‘प्रिंस’: जिसने आईपीएल का सपना पूरा करने के लिए कांस्टेबल की परीक्षा छोड़ दी थी