By Ankit Jaiswal | Jul 02, 2026
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच एक बार फिर पश्चिम एशिया का माहौल तनावपूर्ण होता नजर आ रहा है। ईरानी सेना ने अमेरिका और इजरायल को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या आक्रामक कदम उठाया गया तो उसका तुरंत और बेहद कड़ा जवाब दिया जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।
बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की युद्ध के पहले दिन हुए हवाई हमलों में मृत्यु होने के बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है। सरकार ने उनके अंतिम संस्कार के लिए कई दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों की घोषणा की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतिम यात्रा चार जुलाई से राजधानी तेहरान में शुरू होगी और नौ जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफन के साथ संपन्न होगी। इस दौरान कुम सहित अन्य धार्मिक स्थलों और इराक में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि यदि ईरान की जनता या देश के शीर्ष नेतृत्व को किसी भी प्रकार का खतरा पहुंचाने की कोशिश की गई तो उसका तत्काल और शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने भी कई शहरों के हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे कुछ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
बता दें कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़े तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे समय में ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के दौरान दिए गए कड़े बयानों ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि क्षेत्र में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर बनी रहने वाली हैं।