By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 27, 2021
अहमदाबाद। गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के पिछले सप्ताह के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी जिसमें धर्म परिवर्तन के खिलाफ विवादास्पद कानून की कुछ धाराओं, जिनमें मूल प्रवाधान भी शामिल हैं पर रोक लगाई गई है। गुजरात उच्च न्यायालय ने अन्य धाराओं समेत धारा 5 के उपयोग पर रोक लगा दी थी, जो मुख्य रूप से शादी के माध्यम से धर्मांतरण से संबंधित हैं। वहीं, राज्य की भाजपा सरकार के अनुसार, यही धारा पूरे अधिनियम का मूल है और इस पर रोक से पूरा कानून प्रभावित होता है।
विवाह के माध्यम से जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन के लिए दंडित करने वाले गुजरात धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 को राज्य सरकार ने 15 जून को अधिसूचित किया गया था। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गुजरात शाखा ने पिछले महीने दाखिल एक याचिका में कहा था कि कानून की कुछ संशोधित धाराएं असंवैधानिक हैं। अदालत ने आगे की सुनवाई लंबित रहने तक धारा तीन, चार, चार ए से लेकर धारा चार सी, पांच, छह एवं छह ए को लागू करने पर रोक लगा दी थी।