By अभिनय आकाश | Mar 24, 2026
युद्ध की मार झेल रहे ईरान के लिए कश्मीर की वादियों से लगातार दूसरे दिन मदद के वास्ते हाथ बढ़े, तथा लोगों ने नकद राशि, सोना-चांदी, एवं अन्य कीमती सामान दान में देकर एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। वहीं अब ईरान को मदद की गूंज लोकसभा में भी सुनाई पड़ी है। बारामूला के निर्दलीय सांसद इंजीनियर रशीद ने लोकसभा में ईरान के उस स्कूल की मदद के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान देने का ऐलान किया, जिस स्कूल में 162 बच्चियों की जान गई थी। रशीद ने स्पष्ट किया कि उनकी सहानुभूति केवल एक पक्ष के साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल के जो आम नागरिक अपनी सरकार की गलत नीतियों के कारण जान गंवा रहे हैं, वे उनके प्रति भी संवेदना रखते हैं।
कश्मीर के कुछ इलाकों में लोगों ने युद्धग्रस्त ईरान के राहत कोष के लिए नकद, सोना और तांबे के बर्तनों समेत कई चीजें दान की हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दान के लिए आभार व्यक्त करते हुए, ईरानी दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दयालुता का यह कार्य कभी नहीं भुलाया जाएगा। ईद के अगले दिन, घाटी के शिया बहुल इलाकों में रविवार को युवा ईरान में पश्चिम एशिया युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए घर-घर गये। रैनावारी निवासी एजाज अहमद ने चंदा जुटाये जाने के दौरान कहा कि इजराइल की यहूदी सरकार और उसके समर्थकों द्वारा ईरान पर थोपे गए इस अवैध युद्ध से भारी तबाही मची है। सभ्य दुनिया कम से कम इतना तो कर ही सकती है कि ईरान के पीड़ित लोगों को सहायता भेजे।’’ अधिकारियों ने बताया कि दान अभियान में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से महिलाओं ने आगे आकर उदारतापूर्वक सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य मूल्यवान घरेलू सामान दान किए हैं तथा कुछ परिवारों ने पशुधन भी दान किया है।