By अंकित सिंह | Oct 06, 2026
मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार समिति ने मुस्लिम युवाओं और छात्रों से नवरात्रि से पहले गरबा कार्यक्रमों में शामिल न होने की अपील की है। समिति का कहना है कि किसी एक व्यक्ति की हरकत से पूरे समुदाय की बदनामी हो सकती है। समिति के राज्य अध्यक्ष जीशान रहमान ने साफ़ किया कि इस अपील का मकसद मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में जाने से रोकना है, क्योंकि ये कार्यक्रम उनकी धार्मिक परंपराओं का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार समिति ने मुस्लिम युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे रील्स और व्यूज़ के लिए गरबा कार्यक्रमों में न जाएं, क्योंकि यह हमारा त्योहार या कार्यक्रम नहीं है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इससे समुदाय की बदनामी होती है। गलती कोई एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसका खामियाजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ता है।
रहमान ने ज़ोर देकर कहा कि यह अपील गरबा कार्यक्रमों में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर मुसलमानों को बार-बार राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की वजह से की गई है। उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि राजनेता हमेशा इस मुद्दे पर मुसलमानों को निशाना बनाते हैं कि मुसलमान अपनी पहचान छिपाकर गरबा कार्यक्रमों में जाते हैं। इसीलिए मैंने मुसलमानों और युवाओं से अपील की है कि वे रील्स और व्यूज़ के लिए किसी भी गरबा कार्यक्रम में न जाएं। इसके अलावा कोई और वजह नहीं है। लोग अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने की कोशिश में मुसलमानों को बदनाम करने के इरादे से ऐसे बयान देते हैं; वे आरोप लगाते हैं कि मुसलमान वहां धार्मिक भड़काऊ हरकतें करने या 'लव जिहाद' को अंजाम देने जाते हैं और इसी तरह के दूसरे आरोप भी लगाते हैं।
समिति ने साफ़ किया कि यह अपील किसी धर्म या गरबा के आयोजन के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि इसका मकसद ज़िम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, क़ानून का पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। माँ दुर्गा को समर्पित नौ दिनों का हिंदू त्योहार नवरात्रि इस साल 11 अक्टूबर से शुरू होगा। इस दौरान पूरे मध्य प्रदेश में गरबा और डांडिया के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रतिभागी शामिल होते हैं।