By Neha Mehta | Jun 26, 2026
देश के वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को कारोबार पूरी तरह से बंद रहेगा। मुहर्रम के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) बाजार तथा जिंस (कमोडिटी) बाजार में किसी भी प्रकार का व्यापारिक लेन-देन नहीं होगा। इस अवकाश के कारण निवेशकों, ट्रेडर्स, ब्रोकरों और वित्तीय संस्थानों को एक दिन के लिए कारोबार से विराम मिलेगा।
इसी प्रकार, विदेशी मुद्रा बाजार में भी अमेरिकी डॉलर, यूरो, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन सहित विभिन्न विदेशी मुद्राओं में होने वाला कारोबार स्थगित रहेगा। बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों से जुड़े कई मुद्रा आधारित लेन-देन अगले कारोबारी दिन पूरे किए जाएंगे। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में भी सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहेगा। यदि एक्सचेंज के अवकाश कैलेंडर के अनुसार शाम का विशेष सत्र निर्धारित नहीं है, तो पूरे दिन जिंस बाजार में भी व्यापारिक गतिविधियां ठप रहेंगी। सोना, चांदी, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और विभिन्न कृषि जिंसों में निवेश करने वाले ट्रेडर्स को अगले कारोबारी दिन तक इंतजार करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन के अवकाश से बाजार की दीर्घकालिक दिशा पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन यदि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक या भू-राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है, तो उसका असर अगले कारोबारी दिन भारतीय बाजारों की शुरुआत पर देखने को मिल सकता है।
वैश्विक बाजारों में होने वाली गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। बाजार खुलने पर इन्हीं कारकों के आधार पर शुरुआती कारोबार में तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि छुट्टी के दौरान निवेशकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा कर सकते हैं, कंपनियों के तिमाही नतीजों, आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों का अध्ययन कर सकते हैं। इससे बाजार खुलने के बाद बेहतर निवेश निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय निवेशकों को दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में छुट्टियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं और इनका उद्देश्य राष्ट्रीय एवं धार्मिक अवसरों का सम्मान करना होता है।
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर देशभर में धार्मिक कार्यक्रम, जुलूस और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है। इसी कारण केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है, जिसके चलते वित्तीय बाजार भी बंद रहते हैं।
शुक्रवार के अवकाश के बाद भारतीय शेयर, मुद्रा और जिंस बाजार अपने निर्धारित समय पर अगले कारोबारी दिन फिर से खुलेंगे। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के वित्तीय परिणामों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी, जो बाजार की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।