मुकेश अंबानी को मिली Z+ कैटेगरी की सुरक्षा, IB की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने लिया फैसला

By अभिनय आकाश | Sep 29, 2022

रिलायंस इंडस्ट्री के प्रमुख मुकेश अंबानी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने उद्योगपति मुकेश अंबानी की सुरक्षा बढ़ा दी है। सूत्रों ने कहा कि खुफिया एजेंसी की खतरे के आधार पर सुरक्षा कवर को 'जेड +' श्रेणी तक बढ़ा दिया गया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी को पहले 'जेड श्रेणी' की सुरक्षा दी गई थी। पिछले साल अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर बम विस्फोट के बाद गृह मंत्रालय उद्योगपतियों की सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा कर रहा था।

भारत में मान्यता प्राप्त व्यक्तियों को सुरक्षा कवर की पेशकश की जाती है, जिनका जीवन उनके काम या लोकप्रियता के कारण खतरे में आ गया है। खुफिया एजेंसी द्वारा प्रदान की गई इनपुट के आधार पर उन्हें असामाजिक ताकतों से बचाने के लिए विभिन्न प्रकार की सुरक्षा प्रदान की जाती है। खतरों का आकलन करने के बाद, सुरक्षा श्रेणी को पांच समूहों में विभाजित किया जाता है और एक व्यक्ति को सौंपा जाता है। X, Y, Z, Z+, SPG, और अधिक सुरक्षा वर्गीकरण उपलब्ध हैं। ऐसी सुरक्षा वीआईपी और वीवीआईपी, एथलीटों, मनोरंजन करने वालों और अन्य हाई-प्रोफाइल या राजनीतिक हस्तियों के लिए उपलब्ध है। 

इसे भी पढ़ें: अरबपतियों की ल‍िस्‍ट में गौतम अडानी तीसरे स्थान पर फिसले, मुकेश अंबानी टॉप-10 से बाहर

Z+ सुरक्षा क्या है?

Z+ में सुरक्षा सुरक्षा का दूसरा उच्चतम स्तर है। यह सुरक्षा कवरेज 55-व्यक्ति कार्यबल की सुरक्षा करता है, जिसमें 10+ एनएसजी कमांडो और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। प्रत्येक कमांडो ने विशेषज्ञ मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यह सुरक्षा सुरक्षा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त मंत्री और अन्य जैसे गणमान्य व्यक्तियों को प्रदान की गई है।

प्रमुख खबरें

F1 Championship पर Kimi Antonelli का शिकंजा, Canadian GP जीतकर 43 अंकों की बढ़त बनाई

खुफिया जहाज ने अचानक भारत के पास चालू किया सिग्नल, मचा तहलका!

Rashtrapati Bhavan में Padma Awards 2026 का भव्य समारोह, PM Modi की मौजूदगी में दिग्गजों को मिला सम्मान

मोदी को खास संदेश देने से ठीक पहले ट्रंप ने फोन पर ऐसा क्या कहा? सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान की हो गई थी बोलती बंद