By अनन्या मिश्रा | Oct 17, 2026
आयुर्वेद में मुलेठी एक औषधि है, जो शरीर की कई समस्याओं का रामबाण इलाज साबित हो सकती है। स्किन के दाग-धब्बों को मिटाने से लेकर पेट की जलन और सिर से लेकर पांव तक मुलेठी फायदों से भरपूर है। हालांकि सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए मुलेठी के सेवन का तरीका एक जैसा नहीं है। अगर गले में खराश की समस्या है तो मुलेठी का टुकड़ा चूसने से खांसी में राहत मिलती है। वहीं अगर पेट में अपच या गैस की समस्या है, तो मुलेठी पाउडर का गुनगुने पानी से सेवन करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुलेठी के फायदे और इसके सेवन के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
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जिनको अक्सर एसिडिटी रहती है या फिर खाना ठीक से पचता नहीं है, तो इन लोगों को खाने के बाद मुलेठी पाउडर का सेवन करना चाहिए। मुलेठी एसिड को कम करता है। इससे पेट और आंतों की सूजन भी कम होती है।
सर्दी-जुकाम और गले की खराश में मुलेठी फायदेमंद होता है। यह ऑटोइम्यून बीमारियों को रोकने के साथ-साथ इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करती है।
मुलेठी मेटाबॉलिज्म तेज करने के साथ शरीर में फैट को जमा होने से रोकती है। जिससे वेट कंट्रोल में रहता है। यह फैट लिपिड मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने के साथ शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायक होता है। वहीं यह भूख को कंट्रोल करने में भी मदद करती है और मुलेठी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मोटापे से जुड़ी सूजन भी कम होती है।
अगर फेस पर मुंहासे या पिंपल है, तो मुलेठी का फेस पैक काम आ सकता है। एक चम्मच मुलेठी पाउडर में एक से दो चम्मच शहद और गुलाब जल मिलाकर फेस पर लगाएं। इससे धीरे-धीरे एक्ने की समस्या कम होने लगती है।
बालों की समस्या के लिए मुलेठी का पैक रामबाण है। बालों का झड़ने से रोकने के लिए आप मुलेठी का सेवन कर सकते हैं या फिर इसको बालों पर लगा सकते हैं। मुलेठी का सेवन चूर्ण या चाय के रूप में किया जा सकता है। लेकिन बालों में इसको लगाने के लिए अलग विधि अपनानी होगी।
इसको बालों में लगाने के लिए एक चम्मच मुलेठी पाउडर लें और इसमें दो चम्मच आंवला और हिना पाउडर और एक चम्मच सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर लोहे की कड़ाही में इस पेस्ट को रातभर के लिए छोड़ दें। फिर अगली सुबह इस पेस्ट को बालों पर लगाएं और शैंपू कर लें। सप्ताह में एक से दो बार यह विधि अपनानी चाहिए। इससे हेयर फॉल की समस्या कम होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मुलेठी की प्रकृति शीतल, शांत और मधुर है। इसलिए इसके सेवन से वात और पित्त दोष भी कम होता है। मुलेठी के सेवन से बैठी हुई गले की आवाज और गले में दर्द की समस्या ठीक हो जाती है। यह उल्टी को रोकने में भी कारगर है। लेकिन मुलेठी पाउडर का सेवन ज्यादा किया जाए, तो उल्टी ज्यादा होने लगती है।