By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि वह 28 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई तक बताए कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी और प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह निर्देश बचाव पक्ष की ओर से लगाए गए इस आरोप के बाद दिया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर कार्यवाही में देरी कर रहा और अदालत के पिछले आदेशों का पालन नहीं कर रहा। इससे पहले, विशेष मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) अदालत के न्यायाधीश महेश जाधव ने 10 जुलाई को पुलिस को अनमोल बिश्नोई को अदालत के सामने पेश करने के लिए कानून के तहत संभव सभी कदम उठाने का आदेश दिया था।
मुले ने और समय देने का अनुरोध करते हुए कहा कि अगली सुनवाई में वह अदालत को बताएंगे कि अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए अभियोजन पक्ष ने क्या कदम उठाए हैं। हालांकि, बाबा सिद्दीकी के परिवार की ओर से पेश वकील प्रदीप घरत और त्रिवंकुमार करनानी ने सुनवाई टालने की अपील का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर कार्यवाही में देरी कर रहा है और अदालत के पिछले आदेशों का पालन करने में विफल रहा है।
विशेष लोक अभियोजक की दलीलों पर विचार करते हुए अदालत ने उन्हें उचित पक्ष रखने के लिए सुनवाई की अगली तारीख यानी 28 अक्टूबर तक का समय दिया। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा (पूर्व) इलाके में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया है।