By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 06, 2026
मुंबई, छह अक्टूबर मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई हत्या के मामले में मंगलवार को आरोपी अतीब राशिद को आरोपमुक्त करने से इनकार करते हुए कहा कि मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए प्रथमदृष्टया पर्याप्त से अधिक सामग्री उपलब्ध है। कोल्हे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उनके समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट साझा किए थे। जून 2022 में मुंबई से करीब 650 किलोमीटर दूर अमरावती में उनकी हत्या कर दी गई थी।
यह आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है। राशिद के वकील ने मामले से आरोपमुक्त किए जाने की मांग करते हुए दलील दी थी कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसे हत्या से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की श्रृंखला नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लागू करना उचित नहीं है क्योंकि राशिद किसी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन का सदस्य नहीं था।
इन दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि यूएपीए की धारा 15 में यह अनिवार्य नहीं है कि आतंकवादी कृत्य किसी प्रतिबंधित संगठन द्वारा ही किया गया हो। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने राशिद की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह हत्या की मुख्य साजिश रचने वालों में से एक था और उसने सह-आरोपियों को हत्या को अंजाम देने के लिए उकसाया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि हत्या के तुरंत बाद राशिद ने सह-आरोपी इरफान को संदेश भेजा था, ‘‘उस गुस्ताख अमित मेडिकल वाले को चाकू से मार दिया।’’ एनआईए ने आरोप लगाया कि इसके बाद राशिद ने पहचान से बचने के लिए अपने और सह-हमलावरों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन से डेटा हटा दिया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने राशिद के खिलाफ बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और मौखिक साक्ष्य पेश किए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चला कि हत्या से ठीक पहले और बाद में राशिद तथा कथित हमलावरों के बीच सैकड़ों बार फोन पर बात हुई थी। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में अपराध स्थल के आसपास राशिद की मौजूदगी भी दर्ज हुई थी।
इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी।