मुर्मू और जम्मू कश्मीर के अंतिम राज्यपाल के इस्तीफे में ‘अजीब संयोग’ : उमर अब्दुल्ला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 06, 2020

श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू तथा पूर्ववर्ती राज्य के अंतिम राज्यपाल के इस्तीफे में ‘‘अजीब संयोग’’ है। दोनों को राजभवन से तब हटाया गया जब उन्हें इसकी बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी। मुर्मू ने बुधवार की रात जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज सिन्हा को बृहस्पतिवार को केंद्रशासित प्रदेश का नया उपराज्यपाल नियुक्त कर दिया गया। सिन्हा जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल बनने वाले पहले राजनीतिक व्यक्ति हैं। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘अजीब संयोग है कि दोनों-जम्मू कश्मीर राज्य के अंतिम राज्यपाल और जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल को तब हटाया गया जब उन्हें इसकी बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी। जब उन्हें सामान पैक करने और अनौपचारिक ढंग से रवाना होने का ऑर्डर मिला तो उस समय उनकी कई बैठकें निर्धारित थीं।’’ उन्होंने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार उम्मीदों के विपरीत कोई भी आश्चर्यजनक कदम उठा सकती है। 

इसे भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर के भावी उप राज्यपाल मनोज सिन्हा श्रीनगर पहुंचे, शुक्रवार को हो सकता है शपथ ग्रहण

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बीती रात, एक या दो नाम थे जिनकी लोग चर्चा कर रहे थे और यह नाम उनमें नहीं था। आप हमेशा इस सरकार पर यह विश्वास कर सकते हो कि यह पूर्व में ‘सूत्रों’ द्वारा गढ़े गए नाम के विपरीत अप्रत्याशित ढंग से कोई भी नाम उछाल सकती है।’’ पूर्व में, केंद्र ने राजनीतिक व्यक्ति सत्यपाल मलिक को पिछले साल जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने से पहले इस पूर्ववर्ती राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया था।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Assam CM Himanta का बयान, PM Modi के रहते हमारी जीत को कोई दीवार रोक नहीं सकती

आखिर सेवा तीर्थ से उपजते सियासी सवालों के जवाब कब तक मिलेंगे?

Amit Shah का Rahul Gandhi पर बड़ा हमला, बोले- व्यापार समझौतों पर फैला रहे हैं भ्रम

Mahashivratri 2026: धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण त्यौहार है महाशिवरात्रि