By एकता | Mar 23, 2025
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (जेयूएच) ने शनिवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। पासवान ने इस फैसले का विरोध किया है। आपको बता दें कि अरशद मदनी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान जैसे स्वयंभू धर्मनिरपेक्ष नेताओं द्वारा आयोजित इफ्तार, ईद मिलन और ऐसे अन्य समारोहों में भाग नहीं लेगा।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख अरशद मदनी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि विरोधस्वरूप जमीयत उलेमा-ए-हिंद नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान जैसे स्वयंभू धर्मनिरपेक्ष नेताओं द्वारा आयोजित इफ्तार, ईद मिलन और ऐसे अन्य समारोहों में भाग नहीं लेगा। मदनी ने इन नेताओं पर मुसलमानों के खिलाफ अत्याचारों पर चुप रहने का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि वक्फ विधेयक पर उनके अस्पष्ट रुख से उनका कपट स्पष्ट हो गया है।
इसके अलावा चिराग पासवान ने राजग में अपने साथी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किये जा रहे व्यक्तिगत हमलों पर भी नाराजगी जताई, जिनके ‘मानसिक स्वास्थ्य’ और बिहार पर शासन की उनकी क्षमता पर हाल के दिनों में बात की जा रही है। हालांकि चिराग ने कुमार की अपराध की घटनाओं को रोकने में असमर्थता पर चिंता व्यक्त की। नीतीश कुमार के पास गृह विभाग भी है।
पासवान ने दलितों, विशेषकर पासवान समुदाय के खिलाफ लक्षित हमलों को भी रेखांकित किया और दावा किया कि ये हमले राजनीति से प्रेरित हैं, क्योंकि विधानसभा चुनाव बस कुछ ही महीने दूर हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'दुर्भाग्य से, मेरी पार्टी की राज्य विधानसभा में उपस्थिति नहीं है और वह यहां सरकार का हिस्सा नहीं है। हस्तक्षेप करने की हमारी क्षमता सीमित हो सकती है लेकिन मैं लगातार मुख्यमंत्री के संपर्क में हूं।'