By अंकित सिंह | Jan 21, 2025
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रहस्यमय मौतों के कारण उत्पन्न स्थिति का आकलन करने और प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए राजौरी के बधाल गांव का दौरा किया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिस दिन से हमें जानकारी मिली स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभाग इस तरह की घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने में जुट गए हैं। परीक्षण किए गए और हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि उन मौतों का कारण कोई बैक्टीरिया या वायरस नहीं था।
अधिकारियों ने बताया कि उमर अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के स्थानीय विधायक जावेद इकबाल चौधरी के राजौरी जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर पहाड़ी गांव पहुंचने के तुरंत बाद कब्रिस्तान गए और मृतकों के लिए ‘फातिहा’ पढ़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मोहम्मद असलम सहित शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की, जिन्होंने अपने छह बच्चों को खो दिया। उनके मामा और चाची ने पिछले सप्ताह उन्हें गोद लिया था। इस त्रासदी के बाद असलम और उनकी पत्नी अपने परिवार में एकमात्र जीवित बचे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सात दिसंबर से 19 जनवरी के बीच गांव में एक-दूसरे से जुड़े तीन परिवारों के सत्रह लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मुख्यमंत्री का दौरा ऐसे दिन हो रहा है जब एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी टीम मौतों के कारण का पता लगाने के लिए अपनी जांच के तहत गांव का दौरा कर रही है। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांच और नमूनों से स्पष्ट तौर पर संकेत मिला है कि मौतें बैक्टीरिया या वायरस की संचारी बीमारी के कारण नहीं हुईं और इसका कोई जन स्वास्थ्य पहलू नहीं है।