By प्रेस विज्ञप्ति | Jul 21, 2022
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच केंद्र की मोदी सरकार के इशारे पर की जा रही है। साल 2015 में मोदी सरकार ने नेशनल हेराल्ड केस को बंद कर दिया था क्योंकि इसमें कोई तथ्य नहीं था, लेकिन ईडी के माध्यम से गांधी परिवार को परेशान किया जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी लगातार महंगाई और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी ऐसी तानाशाही के आगे नहीं झुकेगी और इसके खिलाफ आर–पार की लंबी लड़ाई लड़ेगी।
मीडिया से बात करते हुए नाना पटोले ने आगे कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। जनता मोदी सरकार से तंग आ चुकी है। ईडी के माध्यम से विपक्ष को परेशान करने का काम केंद्र सरकार कर रही है। नेशनल हेराल्ड अखबार ने स्वतंत्रता आंदोलन में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन को आवाज दी थी लेकिन जिन लोगों का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है, वे आज देश को बेच कर देश चलाने का काम कर रहे हैं। नाशिक में मीडिया से बात करते हुए पूर्व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि देश में महंगाई काफी बढ़ गई है। मोदी सरकार ने अनाज, दूध, दही, पनीर, नमक, आटे पर जीएसटी लगाकर आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बेरोजगारी तेज गति से आगे बढ़ रही है। अर्थव्यवस्था रसातल में डूब गई है। चूंकि मोदी सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है, इसलिए देश के ज्वलंत मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर कांग्रेस को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा कि महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। बेरोजगारी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसा लगता है कि पूरे देश को एक कंपनी को बेच दिया गया है .कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी की ओर से इस बारे में मोदी सरकार से जवाब मांग रही है लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कार्रवाई की जा रही है। मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी के जरिए कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रही है लेकिन कांग्रेस इस तानाशाही रवैए के सामने नहीं झुकेगी। पुणे में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व में पूर्व मंत्री सतेज पाटिल, विश्वजीत कदम, प्रणिती शिंदे, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन जोशी और पश्चिम महाराष्ट्र के सभी जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पूर्व मंत्री सुनील केदार ने नागपुर में ईडी कार्यालय के समक्ष विधायक विकास ठाकरे, राजेंद्र मुलक समेत हजारों कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। अमरावती संभाग में यशोमती ठाकुर, डॉ. सुनील देशमुख और उत्तर महाराष्ट्र संभाग में पूर्व मंत्री और विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात और विधायक सुधीर तांबे ने आंदोलन में भाग लिया। मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान नाना पटोले, भाई जगताप सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।