By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 23, 2026
इन्फोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी 2030 तक 400 अरब डॉलर के एआई-प्रथम सेवाओं के बड़े अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है। कंपनी की 45वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए नीलेकणी ने तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों के कारण आईटी उद्योग के सामने मौजूद ‘‘अस्तित्व से जुड़े सवाल’’ पर चर्चा की।
यह उन कंपनियों को और मजबूत करेगा जो उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती हैं और तेजी से खुद को ढालती हैं।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्यम समाधान के लिए कठोर परीक्षण, मजबूत संरचना, ठोस साइबर सुरक्षा और सख्त डेटा शासन की आवश्यकता होती है, जिसे बाहरी मंच पर पूरी तरह निर्भर होकर नहीं किया जा सकता।
एआई क्रांति ने पुराने प्रणाली के आधुनिकीकरण को जरूरी बना दिया है, जिससे इन्फोसिस को इस संरचनात्मक बदलाव का लाभ उठाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राहक इन्फोसिस पर भरोसा करते हैं कि वह अपने अनुभव के आधार पर उन्हें एंटरप्राइज एआई की जटिलताओं से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, कंपनी अपने शीर्ष 200 ग्राहकों में से 90 प्रतिशत के साथ एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है।