By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में बुधवार को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत में प्रधान के वकील प्रसनजीत जना ने कहा कि प्रधान को पहले ही शस्त्र अधिनियम के एक मामले में पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान 2007 में दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें हत्या और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अन्य धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने खेजुरी थाने में दर्ज मामले में प्रधान को गिरफ्तार दिखाया और उन्हें रिमांड पर लेने के अनुरोध के साथ कांथी अदालत में पेश किया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह प्रधान की याचिका पर 24 सितंबर को सुनवाई करेगा। प्रधान ने अपनी याचिका में दावा किया है कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य ने इस मामले का उल्लेख नहीं किया था।
कांग्रेस उम्मीदवार के अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और कहा कि प्रधान को गिरफ्तार दिखाकर इस मामले में रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया था। प्रधान को लगभग दो दशक पहले दर्ज शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामले में 21 सितंबर को कांथी अदालत ने 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले 19 सितंबर को उन्हें नंदीग्राम में 2007 से जुड़े मामलों में लंबित चार अन्य गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट के संबंध में हल्दिया अनुमंडल अदालत ने तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
वर्ष 2007 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और खेजुरी थानों में प्रधान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने कहा कि लंबित मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या के इरादे से अपहरण, साक्ष्य मिटाने, घर में जबरन घुसने, दंगा करने और शस्त्र कानून के तहत अपराधों के आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, प्रधान को लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।