Modi-Mirziyoyev की मुलाकात में हुए बड़े ऐलान! 5 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य, AI से लेकर रक्षा और अंतरिक्ष तक साथ आएंगे India-Uzbekistan

By एकता | Aug 30, 2026

उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने रिश्तों को ‘Comprehensive Strategic Partnership’ यानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। उन्होंने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और उज्बेकिस्तान की जनता का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभार जताया।

व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है। अब दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भी कहा कि मौजूदा 1 अरब डॉलर का व्यापार दोनों देशों की क्षमता की सीमा नहीं है। उन्होंने पहले 5 अरब डॉलर और आगे चलकर 10 अरब डॉलर के व्यापार तक पहुंचने का भरोसा जताया।

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एआई, डिजिटल इनोवेशन और स्टार्टअप पर बढ़ेगा सहयोग

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत की डिजिटल इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप क्षेत्र में प्रगति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान इन क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों के साथ अपने सहयोग को जोड़ना चाहता है। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आगे की रणनीति और रोडमैप तैयार करने पर भी सहमति जताई है।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों में युवा, इनोवेशन, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक को खास महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये चीजें ‘यंग उज्बेकिस्तान’ और ‘विकसित भारत 2047’ दोनों की सोच के केंद्र में हैं।

ऊर्जा से लेकर कृषि और फार्मा तक सहयोग

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया कि दोनों देशों ने कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें ऊर्जा, संस्कृति, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), फार्मास्युटिकल्स, ज्वेलरी और कृषि शामिल हैं।

दोनों देशों ने इन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रोडमैप तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए भारत और उज्बेकिस्तान की टीमें एक-दूसरे के देशों का दौरा करेंगी। इसके अलावा स्पेस सेक्टर में सहयोग को भी लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी पर भी साथ

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों की साझेदारी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से और मजबूत होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी दोनों देश एक-दूसरे के लिए फायदेमंद सहयोग बढ़ाएंगे।

कृषि और पारंपरिक चिकित्सा में बढ़ेगा सहयोग

पीएम मोदी ने कहा कि कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत और उज्बेकिस्तान की क्षमताएं एक-दूसरे की मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान के हॉर्टिकल्चर यानी बागवानी के अनुभव और भारत की आधुनिक कृषि तकनीकों को साथ लाकर दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।

वहीं, उज्बेकिस्तान की औषधीय जड़ी-बूटियों और भारत की आयुर्वेद विशेषज्ञता को एक अच्छा मेल बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े आज के समझौते दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करेंगे।

राज्यों और शहरों के बीच भी बनेगी साझेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-उज्बेकिस्तान की साझेदारी सिर्फ दोनों देशों की राजधानियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसी वजह से दोनों देशों के शहरों और राज्यों के बीच साझेदारी स्थापित की जाएगी। इसके तहत शहरी प्रबंधन, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सीधे संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा।

30 दिन का वीजा फ्री नियम, सीधी उड़ानों पर जोर

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया कि दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ाने के लिए 30 दिन की वीजा-फ्री व्यवस्था अपनाई गई है। इसके साथ ही सीधी उड़ानों को बढ़ावा देने पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ज्यादा लोग यात्रा कर सकेंगे और दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क और मजबूत होंगे।

उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान में फिलहाल चार भारतीय विश्वविद्यालय काम कर रहे हैं। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर भी काम कर रहे हैं। उज्बेकिस्तान में सांस्कृतिक सप्ताह और फिल्म फेस्टिवल आयोजित किए जाते हैं और दोनों देश मिलकर नए टूरिज्म सर्किट भी तैयार कर रहे हैं।

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यूएन, ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ पर साथ

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि कई वैश्विक मुद्दों पर भारत और उज्बेकिस्तान की सोच काफी हद तक एक जैसी है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) और ग्लोबल साउथ जैसे मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं और आज भी ये रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी होगा मजबूत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सीधे संपर्क, सह-उत्पादन (Co-production) और सह-विकास (Co-development) को बढ़ावा दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा हैं। इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बनाए रखना दोनों देशों का साझा संकल्प है।

समझौतों को लागू करने के लिए बनेगा रोडमैप

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि दोनों देशों ने अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की है और नए लक्ष्य तय किए हैं। समझौतों को जमीन पर लागू करने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई गई है। व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए अलग टीमें काम करेंगी। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की देखरेख में बने ढांचे को प्रभावी तरीके से चलाने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मिर्जियोयेव ने कहा कि दोनों देशों के नेता इस पूरी प्रक्रिया की खुद निगरानी करेंगे, ताकि तय किए गए समझौतों और रोडमैप को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

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