By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 08, 2026
नयी दिल्ली, आठ नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की नागपुर में सूखे से प्रभावित किसानों के साथ दीपावली मनाने के लिए सराहना की और उनके इस कदम को ‘‘बेहद भावुक करने वाला’’ बताया। मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल उस संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिसके साथ महाराष्ट्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार किसानों के कल्याण और उनकी खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फडणवीस के एक पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी का नागपुर के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दीपावली मनाने और अरुणाबाई तथा रामभाऊ बलपांडे के घर पर रुकने का यह कदम बेहद भावुक करने वाला है।’’ फडणवीस के पोस्ट में उन्हें दीपावली पर किसानों के साथ समय बिताते हुए देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही उनके लिए सच्ची दीपावली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में अपने साथी किसानों के साथ दीपावली मनाने का सौभाग्य मिला। यह गांव हेमाडपंथी शिव मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और कन्हान नदी की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
उन्होंने मराठी भाषा में एक पोस्ट में कहा, ‘‘सूखे से जूझ रहे किसानों की कठिनाइयों, दुखों और अपने परिवारों के भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं के बारे में जानकर मेरा मन भावनाओं से भर गया।’’ फडणवीस ने बताया कि उन्होंने स्थानीय किसानों अरुणाबाई बलपांडे और रामभाऊ बलपांडे के घर पर रात बिताई। उन्होंने कहा कि बलपांडे परिवार ने जिस आत्मीयता से उनका स्वागत किया, उसने उनके दिल को छू लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रेम, स्नेह और गर्मजोशी में कुछ ऐसा है, जो गहराई से भावुक कर देता है।
फडणवीस ने कहा, ‘‘देशभर में जहां दीपावली उत्साह के साथ मनाई जा रही है, वहीं राज्य के किसान चिंतित हैं। प्रकृति के प्रकोप से झुलसी फसलें, आर्थिक तंगी और बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंताओं का बोझ उनके मन पर है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए महाराष्ट्र के हर किसान की फसल महज उपज नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की सालभर की मेहनत, त्याग और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर फसल में एक परिवार के भविष्य की उम्मीद और हर मौसम में समृद्धि का सपना छिपा होता है।
फडणवीस ने कहा कि जब प्रकृति की अनिश्चितता के कारण फसल बर्बाद होती है, तो किसान का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज मैंने इस पीड़ा को खुद महसूस किया। इसलिए मेरा ईमानदार प्रयास है कि सचिवालय में बैठकर बैठकों, फैसलों, योजनाओं या आर्थिक सहायता तक ही सीमित रहने के बजाय किसानों के पास बैठूं, उनकी परेशानियों को समझूं, उनके आंसू पोंछूं और उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद के लिए हाथ बढ़ाऊं।’’ फडणवीस ने कहा कि उन्होंने किसानों के साथ रबी की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किए जा सकने वाले उपायों पर भी चर्चा की।