चुनाव हारते ही बदला ट्रंप का मूड, अपने ही भरोसेमंद अफसर पर फोड़ा ठीकरा और दिखा दिया बाहर का रास्ता

By एकता | Nov 08, 2026

साल 2026 के मध्यावधि चुनावों में आई ऐतिहासिक 'ब्लू वेव' (डेमोक्रेटिक लहर) ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से रिपब्लिकन पार्टी को बेदखल कर दिया है। इस बड़ी हार ने कई राज्यों की विधानसभाओं में लंबे समय से चला आ रहा रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा भी खत्म कर दिया। इस चुनावी झटके के फौरन बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर को नया चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है।

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप चुनावी नतीजों से बेहद नाराज थे। उन्होंने बाकी स्टाफ के सामने ही वाइल्स पर गुस्सा निकाला और आरोप लगाया कि उनका प्रशासन उन लोगों को पकड़ने में सुस्त रहा जो खबरें बाहर 'लीक' कर रहे थे। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वाइल्स खुद भी उन 'लीकर्स' में शामिल हो सकती हैं।

सार्वजनिक तौर पर तारीफ, बंद दरवाजों के पीछे फटकार

इस फैसले के ऐलान से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि वह कुछ बदलाव करना चाहते हैं। उन्होंने वाइल्स के काम की तारीफ करते हुए कहा, "वाइल्स ने बहुत अच्छा काम किया, लेकिन कभी-कभी जीवन में आपको कुछ कड़े कदम उठाने ही पड़ते हैं।" जब उनसे पूछा गया कि मिलर क्या अलग करेंगे, तो ट्रंप का संक्षिप्त जवाब था, "बस चीजों को अच्छे से संभालें।"

हालांकि, पर्दे के पीछे माहौल बिल्कुल अलग था। ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव के खराब नतीजों का ठीकरा वाइल्स और अन्य सियासी सलाहकारों के सिर फोड़ते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सही सलाह नहीं दी गई। मंगलवार रात 'ईस्ट रूम' में चुनावी नतीजे देखने के दौरान भी ट्रंप ने कई लोगों के सामने वाइल्स की तीखी आलोचना की थी।

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फैसलों से पहले ही किनारे कर दी गई थीं वाइल्स

व्हाइट हाउस में वाइल्स को अहम फैसलों से पहले ही अलग-थलग किया जाने लगा था। इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब पूर्व प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट की जगह बिना अनुभव वाली टीवी कमेंटेटर केटी जकारिया को लाया गया। इस फैसले में वाइल्स की कोई राय नहीं ली गई थी।

पद से विदाई के वक्त वाइल्स ने ट्रंप के साथ काम करने को गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा, "भले ही मेरी भूमिका बदल रही हो, लेकिन राष्ट्रपति और उनके मिशन के प्रति मेरा समर्पण कभी कम नहीं होगा।"

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स्टीफन मिलर की एंट्री और आगे का रुख

हार के शुरुआती दिनों में ट्रंप ने शांत रुख दिखाते हुए डेमोक्रेट्स के साथ "मिलकर चलने" की बात कही थी, लेकिन यह सुलह लंबे समय तक नहीं टिकी। स्टीफन मिलर को कमान सौंपकर ट्रंप अपने पुराने और आक्रामक 'मागा' (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एजेंडे पर लौट आए हैं। मिलर हमेशा से प्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई और सख्त फैसलों के समर्थक रहे हैं।

मिलर ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उनका कांग्रेस के डेमोक्रेट्स के साथ किसी भी तरह के समझौते का कोई इरादा नहीं है। इसके बजाय, वह संसद से आने वाले समन और जांचों को सीधी चुनौती देने की तैयारी में हैं। उनका पूरा ध्यान अपने पुराने कोर वोटर बेस को फिर से एकजुट करने पर है। हालांकि, रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि मिलर के करीबी उन्हें ईरान युद्ध के खिलाफ मानते हैं और चाहते हैं कि ट्रंप केवल उन मुद्दों पर लौटें जो उनके समर्थकों के लिए सबसे ज्यादा अहम हैं।

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