By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 13, 2026
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने बुधवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्षद मतीन पटेल के आवास और अन्य संपत्तियों पर कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मतीन पटेल पर नासिक टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान को शरण देने का आरोप है। निदा खान को सात मई को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि एआईएमआईएम नेता मतीन पटेल ने उसे अपने यहां शरण दी थी।
इससे पहले मंगलवार रात पूर्व एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने नारेगांव में पटेल के परिवार से मुलाकात की और महानगपालिका पर कार्रवाई में जल्दबाजी करने का आरोप लगाते हुए इसकी आलोचना की। समर्थकों को संबोधित करते हुए जलील ने कहा, ‘‘हमने अदालत से एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन महानगरपालिका निर्माण गिराने की जल्दी में है। यह हम सबके लिए कठिन समय है, लेकिन ध्वस्तीकरण के बाद हम मतीन और उसके परिवार के लिए ऐसा घर बनाएंगे, जिसे पूरा देश देखेगा।’’ महापौर राजुरकर ने सोमवार को कहा था कि पटेल की पार्षद सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी दस्तावेजों की जांच के बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा था, ‘‘यदि पटेल ने अवैध काम किए हैं, तो उनकी नगर निगम सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, जिसमें स्पष्ट है कि नगर निकाय चुनाव के नामांकन पत्र में कोई जानकारी छिपाई नहीं जानी चाहिए।’’ निदा खान पर नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कुछ महिला सहकर्मियों के कथित धार्मिक परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप हैं। पटेल को भी निदा खान को शरण देने के मामले में आरोपी बनाया गया है। नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) आईटी कंपनी की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और उत्पीड़न के नौ मामलों की जांच कर रहा है। टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाए हुए है। कंपनी ने यह भी बताया कि नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।