By रेनू तिवारी | May 13, 2026
समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने सबको चौंका दिया है। राजनीति की चकाचौंध से दूर रहने वाले प्रतीक सोशल मीडिया पर अपनी एक अलग पहचान रखते थे। उनकी मृत्यु के बाद अब उनके डिजिटल पदचिह्न (Digital Footprints) और उनकी आखिरी पोस्ट्स चर्चा का विषय बन गई हैं, जो उनके व्यक्तित्व के उन पहलुओं को उजागर करती हैं जिन्हें दुनिया ने कम ही देखा था।
अंतिम वीडियो: प्रतीक की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर आखिरी अपडेट 3 अप्रैल को देखा गया था। इस दिलचस्प वीडियो में वह एक निजी जेट उड़ाने का अनुभव साझा करते नजर आए।
प्रतिक्रियाएं: उनके फॉलोअर्स इस वीडियो को देखकर हैरान थे कि राजनीति और बॉडीबिल्डिंग के अलावा वह विमान उड़ाने में भी निपुण थे। यह पोस्ट उनके 'स्वतंत्र और ऊँची उड़ान' वाले व्यक्तित्व को दर्शाती है।
प्रतीक की प्रोफाइल पर सबसे ऊपर पिन (Pinned Post) की गई एक पोस्ट इस समय सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है। इसमें एक गहरा मानवीय संदेश छिपा है:
"जीवन के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप जानवरों के साथ करते हैं।"
इस पोस्ट को उनकी दयालुता और संवेदनशीलता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनकी मृत्यु के बाद कमेंट सेक्शन में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कुछ लोग उनकी नेकदिली की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स उनके व्यक्तिगत जीवन और हालिया पारिवारिक तनावों को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
प्रतीक का सोशल मीडिया अकाउंट किसी राजनेता के बेटे के बजाय एक 'फिटनेस आइकन' की प्रोफाइल जैसा नजर आता है। उन्होंने अपनी डिजिटल विरासत को मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर टिका रखा था:
जिम और वर्कआउट: लखनऊ में 'द फिटनेस प्लैनेट' चलाने वाले प्रतीक अक्सर अपने कठिन वर्कआउट रूटीन और शारीरिक बदलावों (Physical Transformations) के वीडियो साझा करते थे।
लक्जरी लाइफस्टाइल: उनके पास शानदार कारों का बेड़ा था, जिसमें लैंबॉर्गिनी जैसी गाड़ियाँ शामिल थीं। उनकी पोस्ट अक्सर उनकी व्यावसायिक सफलता और रियल एस्टेट निवेश को दर्शाती थीं।
राजनीतिक तटस्थता: प्रतीक ने 2017 में राजनीति से दूर रहने का जो वादा किया था, उसे उन्होंने अपने डिजिटल जीवन में भी निभाया। उनके अकाउंट पर राजनीतिक बयानबाजी या रैलियों की जगह केवल फिटनेस और व्यापार की झलक मिलती थी।
प्रतीक यादव ने राजनीतिक विरासत को अपने सौतेले भाई अखिलेश यादव और पत्नी अपर्णा यादव के लिए छोड़ दिया था। उनके डिजिटल पोस्ट्स से स्पष्ट है कि वह अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
हाल के महीनों में इंस्टाग्राम पर उनके द्वारा साझा किए गए कुछ निजी दर्द और मानसिक तनाव के संदेशों ने यह संकेत दिया था कि वह भीतर से किसी लड़ाई से जूझ रहे थे। आज उनके चले जाने के बाद, उनकी यही 'डिजिटल विरासत' उनके प्रशंसकों और परिवार के लिए उनकी यादों का जरिया बनी हुई है।
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