By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 01, 2026
नासिक (महाराष्ट्र), एक सितंबर रात के साफ आसमान और टिमटिमाते तारों को प्रकाश प्रदूषण से बचाने की एक मुहिम के कारण नासिक जिले का सुदूर गांव उदमल महाराष्ट्र का पहला ‘डार्क स्काई कम्युनिटी’ गांव बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए भी एक खास केंद्र के रूप में उभर रहा है। गांव में इस बदलाव की शुरुआत 22 वर्षीय छात्र विपुल खिराड़ी ने की। तारों को निहारने के उनके शौक ने धीरे-धीरे ऐसी मुहिम का रूप ले लिया, जिसका मकसद इस आदिवासी बहुल गांव को दुनिया के खगोल-पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाना है।
अब जिला प्रशासन भी इस पहल का समर्थन कर रहा है। उदमल अब अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन ‘डार्कस्काई इंटरनेशनल’ से ‘डार्क स्काई कम्युनिटी’ के रूप में मान्यता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह संगठन रात के प्राकृतिक वातावरण को बचाने के लिए काम करता है।
खिराड़ी की कोशिशों ने उदमल के रात के आसमान को गांव के लिए गर्व और वैज्ञानिक संभावनाओं का प्रतीक बना दिया है। गांव का प्राकृतिक रूप से साफ और अंधेरे वाला (कृत्रिम जगमग से दूर) आसमान छात्रों को खगोल विज्ञान को समझने, अंतरिक्ष अनुसंधान के बारे में जानने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का बेहतर अवसर देता है। जिलाधिकारी एवं जिला योजना समिति के सदस्य सचिव आयुष प्रसाद ने जनजातीय उप-योजना 2026-27 के तहत 42.14 लाख रुपये की राशि को प्रशासनिक मंजूरी दी है।
अधिकारियों के अनुसार, इस राशि का इस्तेमाल रात के आसमान की गुणवत्ता का आकलन करने, ऐसी प्रकाश व्यवस्था अपनाने जिससे प्रकाश प्रदूषण कम हो, जागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने में किया जाएगा।