राष्ट्रीय कैमरा दिवस पर विशेषः कल्पना को पंख लगता कैमरा बना जीवनशैली का हिस्सा

By डॉ. प्रभात कुमार सिंघल | Jun 29, 2021

पुरानी यादों को पलभर में ताजा करने और नूतन पलों को यादगार बनाने का प्रबल माध्यम कैमरा आज समाज की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन गया है। कैमरा फोटो लेने वाले की बुद्धि की तार्किक शक्ति, दृष्टिकोण और कल्पनाशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये अवधारणाएं ही किसी को श्रेष्ठ फोटोग्राफर बना कर उसे नामचीन बनाती हैं। यह कैमरा ही है, जिसने फोटोग्राफर्स को जन्म दिया है। कैमरे ने फोटोग्राफरों के विभिन्न वर्ग पैदा कर दिए हैं। प्रकृति, पक्षी, वन्यजीव, समुंदर,पर्वत,पुरातत्व, स्मारक, धार्मिक स्थल, मेले-उत्सव, सामाजिक आयोजन, समाचार पत्र पत्रिकाएं, फिल्म, टीवी आदि के विशेषज्ञ फोटोग्राफर कैमरे के ही जनक हैं।

कभी मेलों में छटे-चौमासे फोटो खींचा कर खुश होते थे। विवाह, जन्मदिन, सामाजिक, धार्मिक या कोई भी आयोजन हो फोटोग्राफर का इंतजार रहता था और जब वह आ जाता था तो बड़ी राहत महसूस होती थी। वह फोटो ले कर जाता और कई दिनों में एलबम बना कर देता तब जा कर हम फोटो देखते थे। अब यह दूरी नहीं रही, इंतजार नहीं करना पड़ता। हर पल हाथ में मोबाइल कैमरा है, मन चाहे तब फोटो लो। दूरस्थ गांव और झोपडी तक कैमरे ने अपनी पैठ बनाली है।

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पर्यटन को बढ़ावा देने में भी कैमरा महत्वपूर्ण माध्यम है। जब कोई पर्यटक स्थल सम्बन्धी आकर्षक फोटो या वीडियो देखता है तो उसके मन में भी उसे देखने की लालसा जाग्रत होती है। पर्यटक जब खूबसूरत चित्र लेते हैं तो वह उनके लिए यादगार बन जाते हैं और जब यही चित्र प्रसारित होते हैं तो पर्यटन विकास का प्रबल माध्यम बन जाते हैं। जीवन का कोई भी क्षेत्र इसकी पहुंच से बाहर नहीं रहा। हर लम्हे को यादगार बनाने की चाह ने कैमरे के महत्व को दुगुनित कर उसे जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।

- डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

लेखक एवं पत्रकार

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