By नीरज कुमार दुबे | Jan 27, 2026
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की देशव्यापी हड़ताल के चलते आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज लगभग ठप रहा। हम आपको बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) द्वारा पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर आज देशव्यापी हड़ताल की जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ संगठनों के संयुक्त निकाय यूएफबीयू द्वारा हड़ताल का यह आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया। चूंकि 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को बैंक बंद रहे, इसलिए आज की हड़ताल के कारण लगातार तीन दिनों तक शाखा स्तर की सेवाएं बाधित रहीं।
वहीं यूएफबीयू के एक अन्य घटक नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई) के महासचिव एल चंद्रशेखर ने कहा, ''यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और मानवीय बैंकिंग प्रणाली के लिए है। पांच-दिवसीय बैंकिंग कोई विलासिता नहीं, बल्कि आर्थिक और मानवीय आवश्यकता है।'' हम आपको बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की रिपोर्टें हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं का परिचालन अप्रभावित रहा क्योंकि उनके कर्मचारी उन यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं जो हड़ताल पर हैं।
इसके साथ ही डिजिटल बैंकिंग के चलते भी ग्राहकों को काफी राहत है। यूपीआई, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं चालू हैं। हालांकि एटीएम में नकदी की उपलब्धता कुछ इलाकों में प्रभावित हो सकती है क्योंकि कैश रीफिल और लॉजिस्टिक व्यवस्था शाखाओं से ही जुड़ी हैं।
हम आपको यह भी बता दें कि हड़ताल के चलते सरकार भी हरकत में आ गयी है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक आपात बैठक हुई जिसमें बैंकों के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के प्रमुख शामिल थे। बैंकों को निर्देश दिए गए कि डिजिटल चैनल क्लीयरिंग, सेटलमेंट, सरकारी कामकाज और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सेवाएं सुचारु रखी जाएं। एटीएम में पर्याप्त नकदी भरने और समय पर रीफिल के इंतजाम करने की बात भी कही गई।
हम आपको यह भी बता दें कि कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने शेयर बाजारों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हो सकता है। एसबीआई ने अपने नियामकीय बयान में कहा है कि भले ही व्यवस्था की गई है लेकिन हड़ताल के चलते काम पर असर पड़ सकता है।