By अभिनय आकाश | Jul 17, 2026
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और साझेदारी को मजबूत करने के लिए इसी महीने 40 से अधिक देशों के साथ साझा अभ्यास होगा। नौसेना 20 से 23 जुलाई तक कोच्चि स्थित सदर्न नेवल कमांड में 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2' आयोजित करेगी। चार दिन चलने वाले इस मल्टि-नैशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम की अगुआई नौसेना करेगी। कंबाइंड टास्क फोर्स-154 (CTF-154) के तहत यह आयोजित होगा। यह टास्क फोर्स कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) का ट्रेनिंग टास्क ग्रुप है।
कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) दुनिया की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय नौसैनिक साझेदारी हैं। इसका मुख्यालय बहरीन में है। इसमें 47 देश शामिल है। यह संगठन 32 लाख वर्ग मील अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री व्यापार सुनिश्चित करने के लिए काम करता है।
यह ऑपरेशन 'कंबाइंड टास्क फोर्स 154' (CTF 154) की देखरेख में किया जाएगा। यह 'कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज' (CMF) का ट्रेनिंग टास्क फोर्स है और अभी इसकी कमान भारतीय नौसेना के पास है। CTF 154 में मुख्य देश होने के नाते, भारत की ज़िम्मेदारी है कि वह समुद्री ट्रेनिंग में अगुवाई करे और CMF देशों के बीच सहयोग को बढ़ाए। भारतीय नौसेना किसी भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाती है जो क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करता है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा करता है।
कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज़ (CMF) क्या है?
कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज़ (CMF) 40 से ज़्यादा देशों का एक नौसैनिक गठबंधन है।
समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना
समुद्री डकैती का मुकाबला करना
समुद्र में आतंकवाद का मुकाबला करना
अवैध तस्करी का मुकाबला करना
नेविगेशन (समुद्री आवाजाही) की आज़ादी बनाए रखना
समुद्री मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना