Jaypee अधिग्रहण पर Adani-Vedanta में टकराव, NCLAT बोला- पहले अदाणी को पार्टी बनाएं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 23, 2026

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सोमवार को वेदांता समूह को आदेश दिया कि वह जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी अपीलों में अदाणी समूह को भी पक्षकार बनाए। एनसीएलएटी की अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा वाली दो सदस्यीय पीठ ने वेदांता समूह को निर्देश दिया कि वह सफल समाधान आवेदक अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिन के अंत तक याचिका की प्रति उपलब्ध कराए और उसे मामले में पक्षकार बनाए।

पहली अपील में समाधान योजना की वैधता को चुनौती दी गई है, जबकि दूसरी अपील में ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण(एनसीएलटी) द्वारा योजना को दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाला वेदांता समूह दिवाला प्रक्रिया के तहत जेएएल के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल था, लेकिन पिछले वर्ष नवंबर में ऋणदाताओं ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की समाधान योजना (बोली) को मंजूरी दे दी थी।

एनसीएलटी की इलाहाबाद पीठ ने 17 मार्च को दिवाला प्रक्रिया के तहत जयप्रकाश एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दे दी। अब खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता ने उक्त एनसीएलटी आदेश के खिलाफ एनसीएलएटी में अपील दायर की है। पिछले वर्ष नवंबर में ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने उद्योगपति गौतम अदाणी की ओर से जेएएल के अधिग्रहण के लिए प्रस्तुत समाधान योजना को मंजूरी दी थी। अदाणी एंटरप्राइजेज ने वेदांता और डालमिया भारत को पीछे छोड़ते हुए जेएएल के लिए बोली जीत ली थी।

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