Chai Par Sameeksha: Waqf Bill पर NDA की अग्नि परीक्षा, क्या चंद्रबाबू-नीतीश-चिराग-जयंत देंगे साथ

By अंकित सिंह | Mar 31, 2025

प्रभासाक्षी की साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने वक्फ बिल को लेकर हो रही राजनीति, ममता बनर्जी और बिहार चुनाव पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। नीरज दुबे ने कहा कि हम सब ने देखा कि किस तरीके से पवित्र रमजान महीने के आखिरी जुमे की नमाज के दिन धार्मिक अवसर को राजनीतिक अवसर में तब्दील कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी मुसलमानों के लिए यह खुशी का अवसर है लेकिन आप इस समय काली पट्टी बांध रहे हो। नीरज दुबे ने सवाल किया कि आप त्योहार की खुशी मना रहे हैं या फिर विरोध तर्ज कर रहे हैं या गम मना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सवाल यह भी है कि क्या ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश के सभी मुसलमान का प्रतिनिधित्व करती है?

इसे भी पढ़ें: बिहार की राजनीति में छोटी छोटी पार्टियां ला सकती हैं बड़ा बदलाव

उन्होंने कहा कि किसी भी मुसलमान की कोई जमीन नहीं छिनी जा सकती है। इसे कोई छिन भी नहीं सकता है। यह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है। मुस्लिम समाज में शिक्षा की कमी की वजह से इस तरह की परेशानियां होती है। उनके धर्म गुरुओं ने जो बता दिया उसी को वह सही मान लेते हैं। नीरज दुबे नहीं अभी कहा कि सरकार हर हाल में वक्त बिल को पास करने की काबिलियत रखती है। जो लोग कह रहे हैं कि नीतीश कुमार नाराज है, चंद्रबाबू नायडू नाराज है जयंत चौधरी नाराज है, वह राजनीति को नहीं समझते हैं। सारे समीकरणों को साधने के बाद ही मोदी सरकार वक्त बिल को लेकर आगे बढ़ी होगी।

पश्चिम बंगाल की सियासी राजनीति पर नीरज दुबे ने कहा कि अमित शाह ने विश्वास जताया है कि बंगाल में कमल खिलकर रहेगा। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने ऐसा कहा है तो इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। बीजेपी बंगाल में सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। अमित शाह ने ऐसी कई चुनौतियों को पार करके दिखाया है। दिल्ली में 27 सालों का सूखा खत्म किया। महाराष्ट्र में लगातार तीसरी बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। राजनीति में तो अमित शाह माहिर हैं ही, प्रशासनिक स्तर पर भी बहुत ही माहिर हैं। आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ वह लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके नतीजे भी हम सबके सामने हैं। इतना ही नहीं, अलगाववादी भी अब संविधान में विश्वास करने लगे हैं। इसका श्रेय भी अमित शाह को जाता है। पूर्वोत्तर में भी उग्रवादी या तो मारे जा रहे हैं या मुख्य धारा में लौट रहे हैं। गृह मंत्री के तौर पर अमित शाह के कई ऐसे काम है जो आने वाले भविष्य में याद किए जाएंगे।

बिहार चुनाव को लेकर नीरज दुबे ने कहा के चुनाव समय पर ही होंगे इसमें कोई दो राय नहीं है और भाजपा इसे अपने दम पर लड़के दिखाएगी। ऐसा अभी से समझ में आ रहा है। अगर छठ के आसपास में चुनाव होते हैं तो ऐसे में बीजेपी को फायदा हो सकता है। बिहार के लोग लगातार एनडीए का साथ दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव हो, एनडीए को हमेशा सफलता मिल रही है। पिछला विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर जीता था।

प्रमुख खबरें

Europe का बड़ा फैसला, अब बिना Charger मिलेगा Laptop, ग्राहकों के बचेंगे हजारों रुपये

Barabanki-Bahraich Highway: 9000 पेड़ों पर अटकी Forest Clearance, NHAI और वन विभाग आमने-सामने

Ahmedabad में AI का सबसे बड़ा धोखा! Deepfake वीडियो से बिजनेसमैन के नाम पर लिया लाखों का Loan.

EPFO का Digital Revolution: अब e-Prapti Portal से Aadhaar के जरिए एक्टिव करें पुराना PF खाता.