वैश्वीकरण में विश्वास बनाने के लिए कानून के शासन पर ध्यान देने वाली संस्थाओं की जरूरत: प्रधान न्यायाधीश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 20, 2022

दुबई| भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन वी रमण ने शनिवार को कहा कि वैश्विकृत दुनिया में विश्वास पैदा करने के लिए कानून के शासन पर जोर देने वाली मजबूत संस्थाओं का निर्माण किया जाना चाहिए।

सम्मेलन का आयोजन इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन (आईसीए) द्वारा किया गया और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने इसमें सहयोग किया।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मध्यस्थता और न्यायिक नैतिकता शिक्षा दोनों का उद्देश्य न्याय को आगे बढ़ाने के लिए एक ही लक्ष्य की पूर्ति करना है। भारतीय अदालतें अपने मध्यस्थता रुख के लिए जानी जाती हैं।’’

न्यायमूर्ति रमण ने कहा कि भारत में अदालतें मध्यस्थता में सहायता करती हैं और निर्णय का पर्याप्त हिस्सा मध्यस्थता न्यायाधिकरण के लिए छोड़ देती हैं।उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक मध्यस्थता केंद्रों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र सहयोग करेंगे तथा जानकारी और ज्ञान साझा करेंगे। मैं भारत और दुबई दोनों में एक भविष्य देखता हूं, जो संस्थागत मध्यस्थता की ओर अग्रसर हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमण खाड़ी क्षेत्र के अपने पहले दौरे पर हैं।

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