By अंकित सिंह | Aug 31, 2026
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी दायर की है। इसमें दिल्ली और दूसरे राज्यों में NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित हिंसा के सिलसिले में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, भारत के सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह अर्ज़ी रखी और इस मामले में कोर्ट से दखल देने की मांग की।
ये बातें CJI कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहीं। बेंच ने कहा कि उसके पास यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि प्रस्तावित मार्च के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कुछ गंभीर होता है, तो याचिकाकर्ता तुरंत कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष कानून का पालन करेंगे और कहा कि हम यह मानकर आगे बढ़ेंगे कि हर कोई ज़िम्मेदारी से, शांति से और कानून के मुताबिक व्यवहार करेगा। कोर्ट ने कहा कि इस समय हमारे सामने ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे हम कोई अलग राय बना सकें।
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